Lok Sabha Elections 2024: मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस (Congress) को लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (Income Tax Appellate Tribunal-ITAT) से बड़ा झटका लगा है। ITAT ने कांग्रेस की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें पार्टी ने इनकम टैक्स रिटर्न के लिए 210 करोड़ रुपये का जुर्माना रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी। ITAT ने पिछले वर्षों के 'टैक्स रिटर्न' में विसंगतियों के लिए IT डिपार्टमेंट द्वारा जुर्माना लगाने के खिलाफ कांग्रेस की अपील को शुक्रवार (9 मार्च) को खारिज कर दिया।
पार्टी ने कहा कि वह सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है और बहुत जल्द इसके खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख करेगी। आयकर विभाग ने कांग्रेस और यूथ कांग्रेस से जुड़े चार बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था। आयकर विभाग ने कांग्रेस से 210 करोड़ की रिकवरी मांगी है। अब कांग्रेस को यह रकम पैनल्टी के तौर पर आयकर विभाग को देनी होगी, क्योंकि ITAT ने आयकर विभाग द्वारा 210 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाए जाने के खिलाफ उसकी अपील खारिज कर दी है।
कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि पार्टी सभी कानूनी विकल्प तलाश रही है और बहुत जल्द हाईकोर्ट का रुख करेगी। माकन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "BJP सरकार ने जानबूझकर यह समय चुना जब आम चुनाव होने हैं।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कोष पर रोक लगाने का आदेश लोकतंत्र पर हमला है, क्योंकि यह लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आया है।
उनका कहा, "ऐसी स्थिति में कोई निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद कैसे कर सकता है जब आयकर अधिकारियों ने कांग्रेस पार्टी के खातों से 270 करोड़ रुपये की धनराशि जब्त कर ली है या निकाल ली है।" आदेश की पुष्टि करते हुए कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने कहा कि ITAT ने इस संबंध में पिछले उदाहरणों का भी अनुसरण नहीं किया है और पार्टी जल्द ही हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
तन्खा ने पीटीआई से कहा, "हम आयकर अपीलीय अधिकरण के आदेश से निराश हैं। हम जल्द ही हाई कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने 20 प्रतिशत जुर्माने के भुगतान पर राहत देने में अपने पिछली परिपाटियों का पालन नहीं किया और वह भी एक राष्ट्रीय पार्टी के संदर्भ में जोकि लोकसभा चुनाव लड़ने जा रही है।"
आयकर विभाग ने पिछले दिनों 210 करोड़ रुपये की रिकवरी की मांग का हवाला देते हुए कांग्रेस के प्रमुख खाते फ्रीज कर दिए थे। हालांकि, बाद में आयकर अपीलीय अधिकरण ने अगली सुनवाई होने तक खातों पर रोक हटा दी थी। इस मामले में तन्खा ने बतौर अधिवक्ता कांग्रेस की पैरवी की।
कांग्रेस ने पिछले महीने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर "आर्थिक आतंकवाद'' शुरू करने का आरोप लगाया था। विपक्षी पार्टी ने दावा किया था कि उसके खातों से 65 करोड़ रुपये से अधिक की राशि 'डाका डालकर' निकाल ली गई, ताकि लोकसभा चुनाव से पहले उसे आर्थिक रूप से अपंग बनाया जा सके।