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गरीब महिलाओं को सालना ₹1 लाख, आशा कार्यकर्ताओं की सैलरी दोगुना..लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की 'नारी न्याय' गारंटी

Lok Sabha Elections 2024: राहुल गांधी ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के नाम पर मूर्ख बनाया है। ये विधेयक संसद में तो पेश कर दिया गया है, लेकिन इसे लागू होने में 10 साल लगेंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 13, 2024 पर 5:53 PM
गरीब महिलाओं को सालना ₹1 लाख, आशा कार्यकर्ताओं की सैलरी दोगुना..लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की 'नारी न्याय' गारंटी
Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला वादा किया है

Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बुधवार (13 मार्च) को कहा कि लोकसभा चुनाव में यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो 5 'नारी न्याय गारंटी' दी जाएगी। इनमें गरीब महिलाओं के बैंक खातों में 1 लाख रुपये वार्षिक जमा किए जाने के साथ ही सरकारी नौकरियों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। गांधी ने आशा, आंगनवाड़ी और मिड-डे मील बनाने वाली महिलाओं के मासिक सैलरी दोगुना करने का ऐलान किया है। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो वह आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा को हटाने के लिए संविधान में संशोधन करेगी।

'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के तहत महाराष्ट्र के धुले जिले में एक महिला रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने 'पांच नारी न्याय गारंटी' की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गरीब महिलाओं के बैंक खातों में वार्षिक एक लाख रुपये जमा किए जाएंगे और सरकारी नौकरियों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। राहुल गांधी ने यह भी वादा किया कि मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा), आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और मध्याह्न भोजन योजनाओं में कार्यरत महिलाओं के लिए बजट में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी दोगुनी हो जाएगी।

महिलाओं के लिए नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त

राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने और उनके मामले लड़ने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। गांधी ने पांच गारंटियों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि देश के हर जिले में महिलाओं के लिए सावित्रीबाई फुले छात्रावास स्थापित किए जाएंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि वह अपनी पिछली 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान कन्याकुमारी से श्रीनगर तक 4,000 किलोमीटर पैदल चले थे और उन्होंने लाखों लोगों से बातचीत की थी।

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