साल 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश की 16 सीटों पर चुनाव हार गई थी। उनमें प्रत्याशियों का चयन और सहयोगी दलों को सीटों का बंटवारा बीजेपी नेतृत्व के लिए सबसे मुश्किल चुनौती है। इसके साथ ही राज्य में चार ऐसी सीट हैं, जहां पर पार्टी क्या निर्णय करती है, उस पर सभी की निगाह लगी हुई है। इनमें से एक सीट पीलीभीत है, जहां से बीजेपी के टिकट पर नेहरू-गांधी परिवार के सदस्य और मेनका गांधी के बेटे वरुण गांधी चुनाव लड़े थे और जीते भी थे। दूसरी है सुल्तानपुर, यहां से खुद मेनका गांधी चुनाव लड़ी और जीती भी थीं। तीसरी सीट है बदायूं। उस सीट पर स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा 2019 का चुनाव बीजेपी के टिकट पर जीती थीं। उन्होंने मुलायम सिंह यादव परिवार के धर्मेंद्र यादव को लगभग 20,000 वोटों से हरा दिया था।
