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One Nation, One Election: एक साथ चुनाव कराने के समर्थन में उतरीं देश के 32 पार्टियां, इन 15 दलों ने किया विरोध

One Nation, One Election: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली एक उच्च-स्तरीय समिति ने पहले कदम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने की तथा इसके बाद 100 दिनों के भीतर एक साथ स्थानीय निकाय चुनाव कराने की सिफारिश की है

Akhileshअपडेटेड Mar 14, 2024 पर 5:21 PM
One Nation, One Election: एक साथ चुनाव कराने के समर्थन में उतरीं देश के 32 पार्टियां, इन 15 दलों ने किया विरोध
One Nation, One Election: 18000 से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी गई

One Nation, One Election: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind-led panel) की अध्यक्षता वाली समिति ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के मुद्दे पर 62 पार्टियों से संपर्क किया था। इस पर जवाब देने वाले 47 राजनीतिक दलों में से 32 ने एक साथ चुनाव कराने के विचार का समर्थन किया, जबकि 15 पार्टियों ने इसका विरोध किया। समिति ने अपनी रिपोर्ट गुरुवार (14 मार्च) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) को सौंप दी। इस रिपोर्ट के अनुसार, कुल 15 पार्टियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

राष्ट्रीय दलों में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने देश में एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव का विरोध किया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) ने इसका समर्थन किया।

रिपोर्ट में कहा गया है, "47 राजनीतिक दलों से प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं। 15 राजनीतिक दलों को छोड़कर, शेष 32 राजनीतिक दलों ने न केवल एक साथ चुनाव कराए जाने की व्यवस्था का समर्थन किया, बल्कि संसाधनों को बचाने, सामाजिक सद्भाव की रक्षा करने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए इस विचार पर अमल करने की पैरवी भी की।"

इन पार्टियों ने किया विरोध

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