Punjab Lok Sabha Elections 2024 Schedule: भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने चुनाव की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार, पंजाब में आम चुनाव 1 जून, 2024 को एक ही चरण में होंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि पंजाब में कुल 13 लोकसभा सीटों के लिए एक साथ मतदान होगा। आदर्श आचार संहिता 16 मार्च की शाम से लागू हो गई है और 1 जून को वोटिंग के बाद 4 जून को मतगणना की पूरी प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी।
वोटों की गिनती पूरे देश में 4 जून 2024 को की जाएगी। इस लोकसभा चुनाव में सभी की निगाहें पंजाब पर टिकी रहेंगी, जो हमेशा चर्चा में बना रहता है। देश के नेतृत्व को आकार देने में राज्य के ऐतिहासिक महत्व को कम करके आंका नहीं जा सकता है।
पंजाब में कब मतदान होंगे?
चुनाव आयोग के मुताबिक, पंजाब में कुल 13 लोकसभा सीटों के लिए 1 जून को एक ही चरण में मतदान होंगे। पंजाब में अक्सर आम चुनाव ऐतिहासिक रूप से केवल एक चरण में ही लड़े जाते हैं। पंजाब के लोकसभा चुनावों का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसकी लंबी कहानी है।
1 जून को देशभर में आखिरी चरण का चुनाव होगा। 2024 लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से 1 जून तक 7 चरणों में होंगे। सात चरणों में 543 निर्वाचन क्षेत्र शामिल होंगे। पहला चरण 19 अप्रैल, दूसरा चरण 26 अप्रैल, तीसरा चरण 7 मई, चौथा चरण 13 मई, पांचवां चरण 20 मई, छठा चरण 25 मई और सातवां चरण 1 जून को होना है।
पंजाब में कांग्रेस ने 2019 में 13 लोकसभा सीटों में से 8 पर जीत हासिल की थी। जबकि अरविंद केजरीवाल की आम आम आदमी पार्टी (AAP) सिर्फ 1 और SAD-बीजेपी गठबंधन 4 सीटें जीतने में सफल रही। 2014 के लोकसभा चुनाव में AAP ने 4, कांग्रेस ने 2, शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने 4 और BJP ने दो सीटें जीती थीं।
पंजाब में कितने लोकसभा क्षेत्र हैं?
भारतीय राज्यों में सबसे अधिक लोकसभा सीटों वाले राज्यों की सूची में पंजाब 16वें स्थान पर है। राज्य में कुल 13 लोकसभा सीटें हैं, जिनमें से 4 सीटें SC उम्मीदवारों के लिए रिजर्व हैं, जबकि 9 सीटें अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाला UPA गठबंधन 8 सीटें जीतकर सबसे बड़े गठबंधन के रूप में सामने आया, जबकि NDA केवल 4 सीटें जीतने में सफल रही। पहली बार चुनाव लड़ रही AAP भी अपने लिए 1 सीट जीतने में सफल रही।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए पंजाब का चुनाव आसान नहीं होगा। पंजाब में चुनाव दो पार्टियों या गठबंधन के बीच का मुकाबला नहीं है, बल्कि राज्य में एक शक्तिशाली और स्थापित हो चुकी मौजूदा सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) से है। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में हार झेलने के बाद भी बीजेपी अभी भी एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) जैसे क्षेत्रीय पार्टी भी राज्य की राजनीति के परिदृश्य को और भी जटिल बनाते हैं।
तमाम सर्वे में पंजाब विधानसभा चुनाव जीतने के बाद AAP अब लोकसभा चुनाव में भी अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराती दिख रही है। पंजाब सीएम भगवंत मान पहले ही कह चुके हैं कि यहां पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। यहां सबसे कमजोर पार्टी कांग्रेस है। बीजेपी पीएम मोदी के भरोसे है। उसे उम्मीद है कि केंद्रीय नेतृत्व की वजह से 2029 के चुनाव में कमल खिलेगा।