सोशल मीडिया कंपनी 'X' ने बताया कि उसने चुनाव आयोग (Election Commission) का आदेश मिलने के बाद अपने प्लेटफॉर्म से राजनीतिक दलों, कुछ चुने हुए प्रतिनिधियों और उम्मीदवारों के राजनीतिक पोस्ट्स को रोक दिया है। एलॉन मस्क (Elon Musk) के स्वामित्व वाली कंपनी 'X' ने कहा कि वह चुनाव आयोग के आदेश से असहमत है। फिर भी उसने आदेश का पालन करते हुए चुनाव की अवधि तक इन पोस्ट्स पर रोक लगा दी है। 'X' ने कहा, "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इन पोस्ट्स और सामान्य रूप से सभी राजनीतिक भाषण पर लागू होनी चाहिए।" बता दें कि 'X' को पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था।
'X' ने एक बयान में कहा, "भारत के चुनाव आयोग ने कुछ नेताओं, चुने हुए प्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की ओर से किए गए राजनीतिक पोस्ट्स को कार्रवाई करने के लिए 'X' को आदेश जारी किए है। आदेशों का पालन करते हुए हमने चुनाव की बाकी अवधि तक इन पोस्ट्स को रोक दिया है।"
कंपनी ने एक बयान में कहा, "हालांकि हम इन कार्रवाइयों से असहमत हैं और मानते हैं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इन पोस्ट्स और सामान्य रूप से सभी राजनीतिक भाषण पर लागू होनी चाहिए। हमने इस आदेश से प्रभावित यूजर्स को सूचित कर दिया है और पारदर्शिता को देखते हुए हम टेकडाउन के आदेश को यहां प्रकाशित कर रहे हैं। साथ ही हम चुनाव आयोग से अपील करते हैं कि वे अपने सभी टेकडाउन आदेशों को पारित करें।"
'X' ने चुनाव आयोग के जिस आदेश को शेयर किया है, उसमें उसे 4 सोशल मीडिया पोस्ट्स को हटाने का आदेश दिया गया था। इसमें वाईएसआर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक-एक पोस्ट्स शामिल हैं। आदेश में कहा गया है कि इन पोस्ट्स ने कथित तौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
बता दें कि देश में 19 अप्रैल से लोकसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू हो रहे हैं। यह चुनाव 7 चरणों में पूरा होगा, जो करीब 44 दिन चलेगा। आखिरी चरण के लिए मतदान 1 जून को डाला जाएगा। वहीं 4 जून को वोटो की गिनती होगी। करीब 1 अरब मतदाता इस दौरान संसद में अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए वोट डालेंगे।