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चीन के एक फैसले ने मेटल शेयरों को दिया बूस्टर डोज, ब्रोकरेज ने दी ये सलाह

Steel stocks: दुनिया भर में मेटल की सबसे अधिक खपत चीन में होती है। अब मार्केट का मानना है कि ब्याज दरों में कमी से यहां आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। खासतौर से बुनियादी ढांचे और रियल एस्टेट में तेजी आने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो चीन की स्टील कंपनियां चीन के बाहर डंप करने की बजाय देश में ही अपना माल खपा सकेंगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 25, 2024 पर 12:12 PM
चीन के एक फैसले ने मेटल शेयरों को दिया बूस्टर डोज, ब्रोकरेज ने दी ये सलाह
प्रभुदास की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव के कारण इंफ्रा सेक्टर पर होने वाले खर्च में कमी के कारण तीसरी तिमाही में स्टील कंपनियों की घरेलू मांग धीमी रहने की उम्मीद है

Steel stocks :चीनी केंद्रीय बैंक के गवर्नर द्वारा बीमार अर्थव्यवस्था के लिए नकदी प्रदान करने के लिए बैंक रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो में कटौती की योजना की घोषणा के बाद 24 जनवरी के कारोबारी सत्र के दौरान स्टील शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। कल के कारोबारी सत्र में टाटा स्टील, हिंडाल्को, एनएमडीसी और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया जैसी कंपनियों के शेयरों में 3 फीसदी से 5 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली थी।

फिलहाल आज टाटा स्टील 11.20 बजे के आसपास 0.70 अंक यानी 0.52 फीसदी की कमजोरी के साथ 135 रुपए के आसपास दिख रहा है। वहीं, हिंडाल्को 5.80 अंक यानी 1.03 फीसदी की कमजोरी के साथ 562 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया 3.25 रुपए याना 2.82 फीसदी की तेजी के साथ 118 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है।

चीन दुनिया में मेटल्स का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। बाजार का मानना है कि यहां ब्याज दरों में कमी से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। खासकर बुनियादी ढांचे और आवास में तेजी आने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो चीनी स्टील कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डंप करने के बजाय अपने उत्पादन की एक बड़ी मात्रा स्थानीय स्तर पर बेच सकेंगी।

गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से कमजोर मांग के साथ-साथ चीन द्वारा की जाने वाली डंपिंग के कारण ग्लोबल स्टील की कीमतें कम हो गई हैं। कमजोर ग्लोबल कीमतें भारतीय इस्पात निर्माताओं के निर्यात को नुकसान पहुंचाती हैं।

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