अदाणी ग्रुप (Adani Group) और अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) के मामले में एक्सपर्ट पैनल ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर दी है। छह सदस्यों की इस समिति को सुप्रीम कोर्ट ने गठित किया था और अब इसने बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट दाखिल की है। एक मीडिया रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 12 मई को आगे बढ़ सकती है। यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि एक्सपर्ट पैनल ने और समय मांगा है या नहीं और यह रिपोर्ट फाइनल है या नहीं। वहीं एक और कमेटी सेबी ने भी बनाया है जिसे लेकर शनिवार को सेबी ने और समय मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने Adani Group मामले में क्या आदेश दिया था
अदाणी ग्रुप और हिंडनबर्ग रिसर्च के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूंजी बाजार सेबी को जांच का आदेश दिया था। कोर्ट ने यह जांच करने को कहा था कि अदाणी ग्रुप ने सिक्योरिटीज से जुड़े किसी कानून का उल्लंघन किया है या नहीं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एएम सप्रे की अध्यक्षता में 6 सदस्यों की एक समिति बनाने का भी सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था जोकि सेबी की गठित समिति से अलग थी। इस समिति को यह अधिकार दिया गया था कि यह रेगुलेशन्स को मजबूत करने और हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव के चलते निवेशकों के हितों की रक्षा करने के लिए सिफारिशें कर सके।
दोनों पैनल को दो महीने में दाखिल करनी थी रिपोर्ट
सेबी के पैनल और सुप्रीम कोर्ट के पैनल को अपनी रिपोर्ट दो महीने में दाखिल करनी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च को इससे जुड़ा आदेश दिया था। हाल ही में सेबी ने अदाणी ग्रुप से जुड़ी जांच में कोर्ट से 6 महीने का अतिरिक्त समय मांगा। सेबी को 2 मई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर देना था लेकिन इसने एक्सटेंशन के लिए एप्लीकेशन दाखिल कर दिया। हिंडनबर्ग ने अदाणी ग्रुप की कंपनियों पर अकाउंटिंग फ्रॉड का आरोप लगाया है। इसके अलावा हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि अदाणी ग्रुप की कंपनियों ने कर्ज के भारी बोझ के बावजूद रेवेन्यू और स्टॉक प्राइस को बढ़ाने के लिए टैक्स हेवेन्स में कंपनियों के जाल का इस्तेमाल किया। हालांकि अदाणी ग्रुप ने इन सभी आरोपों से इनकार किया था।