Hindenburg Effect: बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPIs) को लेकर एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इसमें देश में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी होल्डिंग वाले विदेशी निवेशकों को ज्यादा जानकारी देनी होगी। सेबी के इस कदम का मकसद न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग से जुड़े नियमों में गड़बड़ी को रोकना है। इसके अलावा सेबी ने यह नियम इसलिए तैयार किया है ताकि भारतीय कंपनियों के टेकओवर के लिए FPI रूट के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके। सेबी के इस पेपर के मुताबिक हाई रिस्क वाले FPIs की पहचान के लिए पारदर्शिता के मानकों को बढ़ाए जाने की जरूरत है।
