अदाणी ग्रुप (Adani Group) की कंपनियों में जीक्यूजी पार्टनर्स (GQG Partners) और गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने भारी निवेश किया। इसने ग्रुप के लिए पॉजिटिव सेंटिमेंट तैयार करने में काफी मदद की और आज इसके 10 में छह स्टॉक्स तो अपर सर्किट पर पहुंच गए। अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) की रिपोर्ट आने के बाद से इसके शेयरों पर दबाव दिख रहा था। हिंडनबर्ग ने ग्रुप की कंपनियों पर स्टॉक मैनिपुलेशन और अकाउंटिंग फ्रॉड का आरोप लगाया। अब जीक्यूजी के पांच फीसदी प्रमोटर इक्विटी की बिक्री के चलते माहौल काफी कुछ बदल गया है।
प्रमोटर इक्विटी की बिक्री क्यों है मास्टर स्ट्रोक
ग्रुप की कर्ज चुकाने की क्षमता को लेकर चिंता जताई जा रही थी लेकिन अब प्रमोटर ने पैसे जुटाने की क्षमता और इच्छा को दिखा दिया है। ऐसे में अब बॉन्डहोल्डर रिडेम्प्शन के दिन बॉन्ड्स को रोल ओवर भी कर सकते हैं। इसके अलावा अडाणी के बॉन्ड्स को कोलेटरल (गारंटी) के तौर पर नहीं लिए जाने की चिंता भी खत्म हो सकती है। वहीं बैंक भी ग्रुप की कंपनियों को कर्ज दे सकते हैं क्योंकि ग्रुप की कर्ज चुकाने की क्षमता पर सवाल बंद होंगे।
एक अहम प्वाइंट ये भी है कि जीक्यूजी जैसे दिग्गज फंड ने ग्रुप की चार कंपनियों में भारी निवेश किया। अब इससे निवेशकों में यह भरोसा जमेगा कि जिस प्राइस पर इस फंड ने हिस्सेदारी खरीदी है, उसके नीचे जाने की आशंका नहीं है। जीक्यूजी ने अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) को 1410 रुपये, अदाणी पोर्ट्स (Adani Ports) को 596 रुपये, अदाणी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) को 668 रुपये और अदाणी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) को 504 रुपये के भाव पर खरीदा है। अब ये भाव इन स्टॉक्स के लिए बॉटम का काम कर सकते हैं।
Adani Group के लिए आगे क्या
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर ग्रुप की क्षमता पर कभी कोई संदेह नहीं था। सवाल सिर्फ शेयरों के भाव और इसके शेयरहोल्डिंग पैटर्न को लेकर था। इसमें से अधिकतर आशंकाएं जीक्यूजी के सौदे से दूर हो गई हैं। अब यह संभव है कि ग्रुप के स्टॉक्स ईबीआईटीडीए ग्रोथ के हिसाब से चढ़ें और पियर्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
हालांकि अभी भी एक रिस्क बाजार नियामक सेबी की जांच रिपोर्ट को लेकर है जिसमें क्या तथ्य सामने आएंगे, इसे लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता है। हालांकि एक्चुअल ईबीआईटीडीए और ग्रुप की ग्रोथ हासिल करने की क्षमता शेयरों को ऊंचा लेकर जा सकती है। सेबी ग्रुप के कंपनियों की शेयरहोल्डिंग पैटर्न और इसके कारोबारी सौदों की जांच कर रही है।