करोड़पति से गरीब बनाने वाले शेयर: इन 4 स्टॉक्स ने पहले निवेशकों को कराया बंपर मुनाफा, फिर उनकी सारी संपत्ति डुबो दी
शेयर बाजार में निवेशकों को शुरुआती सालों में बंपर मुनाफा कराने वाले कई स्टॉक्स ने आगे चलकर उनकी सारी संपत्ति डूबो दी। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ स्टॉक्स के बारे में-
कई बार बड़ी कंपनियों के साथ भी कुछ ऐसा होता है, जिनके बाद उनके शेयर भरभरकार गिर जाते हैं
शेयर बाजार में निवेश के साथ हमेशा पैसे खोने का भी जोखिम रहता है। एक्सपर्ट्स अक्सर सलाह देते हैं कि जिन निवेशकों में जोखिम उठाने की क्षमता नहीं है, उन्हें बड़ी कंपनियों में निवेश करना चाहिए क्योंकि इनमें पैसे डूबने का खतरा कम रहा है। हालांकि शेयर बाजार में किसी भी स्टॉक की कोई गारंटी नहीं है। कई बार बड़ी कंपनियों या कागजों में सभी मानकों पर मजबूत दिख रहे स्टॉक के साथ कुछ ऐसी घटनाएं होती है, जिनके बाद वह भरभरकार गिर जाते हैं।
आज हम आपको यहां ऐसे ही कुछ शेयरों के बारे में बता जा रहे हैं, जिन्होंने स्टॉक मार्केट में आने के बाद शुरुआती कुछ सालों में अपने निवेशकों को बंपर मुनाफा कराया, लेकिन फिर उन्होंने ही अपने निवेशकों की सारी संपत्ति डूबो दी। आइए जानते हैं इन सटॉक्स के बारे में-
HDIL
रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी हाउसिंग डिवेलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) के शेयर साल 2007 में 434 रुपये के स्तर पर सूचीबद्ध हुए थे। अगले ही साल जनवरी 2018 में इस कंपनी के शेयर करीब 1,100 रुपये तक पहुंच गए और इसने एक साल से भी कम समय में अपने निवेशकों का पैसा दोगुने से अधिक बढ़ा दिया है। HDIL को उस वक्त देश की तीसरी सबसे बड़ी रियल डिवेलपर्स माना जाता था।
लेकिन फिर 2008 में ग्लोबल आर्थिक मंदी आई और जो शेयर जनवरी 2008 में 1085 रुपये पर कारोबार कर रहा था, वहीं शेयर दिसंबस 2008 में गिरकर 70 रुपये पर आ गया। आने वाले सालों में HDIL के शेयरों में थोड़ी रिकवरी दिखी और यह 2010 में करीब 400 रुपये के स्तर तक गया, लेकिन उसके बाद से लगातार इसमें गिरावट ही आती है।
HDIL के शेयर बुधवार 10 अगस्त को 4.50% फीसदी बढ़कर 5.80 रुपये पर बंद हुए। अपने पीक स्तर से HDIL के शेयरों में 99.5 फीसदी से अधिक की गिरावट आ चुकी है और आज इसका मार्केट कैप सिर्फ 274.92 करोड़ रुपये का है।
PC ज्वैलर्स के शेयर साल 2012 के अंत में शेयर बाजार में 73.50 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुए थे। साल 2018 तक इसकी कीमत बढ़कर 600 रुपये के करीब पर पहुंच गई थी और इस दौरान इसने अपने निवेशकों को 700 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है।
हालांकि इसके बाद से इसमें जो गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ, वो आज भी जारी है। PC ज्वैलर्स के बुधवार 10 अगस्त को शेयर बाजार में 60.20 रुपये के भाव पर बंद हुए और फिलहाल इसकी गिनती पेनी स्टॉक के रूप में होती है। पीसी ज्वैलर्स का मार्केट कैप फिलहाल 2.80 हजार करोड़ रुपये है।
PC ज्वैलर्स के शेयर मार्च 2020 में तो 8 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए थे। हालांकि पिछले 2 महीनों में PC ज्वैलर्स के शेयरों में भारी तेजी दिखी है और 30 जून के बाद से अब तक इसका शेयर करीब 160 फीसदी चढ़कर चुका है। हालांकि यह तेजी कब तक जारी रहती है, यह देखने की बात होगी।
YES BANK
यस बैंक कभी शेयर बाजार निवेशकों के सबसे पसंदीदा स्टॉक्स में शामिल था। साल 2005 में सूचीबद्ध होने के बाद इस स्टॉक ने साल 2018 तक अपने निवेशकों को करीब 3000% का बंपर मुनाफा कराया था। अगस्त 2018 में यस बैंक के शेयर 393 रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे। तभी इसके प्रमोटरों के कई तरह के वित्तीय अनियमिताओं के आरोप में घिरने की खबर आई और इसके बाद इसके शेयर अगले 2 सालों में लुढ़कर 11 रुपये के निचले स्तर पर आ गए।
यस बैंक के शेयर बुधवार 10 अगस्त को NSE पर 3.44% फीसदी गिरकर 15.45 रुपये के भाव पर बंद हुए। यस बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन अब 38.56 हजार करोड़ रुपये का रह गया है। हालांकि यस बैंक फिर से रिकवर होता दिख रहा है। बैंक अपने मौजूदा रिकंस्ट्रक्शन स्कीम 2020 से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में बैंक ने 1.1 अरब डॉलर की इक्विटी कैपिटल जुटाई है।
दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) के शेयर 1998 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए थे। साल 2008 तक इस शेयर ने अपने निवेशकों को 2000 फीसदी से भी अधिक का मुनाफा कराया था। 2008 में इसके शेयरों की कीमत 120 रुपये पर पहुंच गई थी, जो इसका सर्वकालिक स्तर है।
2008 की ग्लोबल मंदी के बाद साल 2009 में इस कंपनी के शेयरों में 75 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है और यह 25 रुपये के भाव पर आ गया। इसके बाद कंपनी ने अपने रिस्ट्रक्चकरिंग स्कीम का ऐलान किया, जिसके बाद फिर से इसके शेयरों में तेजी आई और 2018 तक यह बढ़कर 678 रुपये के भाव पर पहुंच गया।
हालांकि साल 2018 में NBFC सेक्टर में फंडिंग की दिक्कत आई और बैंकों ने इन कंपनियों को पैसे देने में थोड़ी सख्ती बरतनी शुरू की, जिसके बाद इसके शेयरों में गिरावट आनी शुरू हुई। इसके कुछ ही समय बाद DHFL के प्रमोटरों पर 310 अरब रुपये के एक मनी लॉन्ड्रिंग का एक आरोप सामने आया। यस बैंक में फ्रॉड के मामले में भी DHFL के प्रमोटरों का नाम सामने आया, जिसमें ED और सीबीआई जांच कर रही है।
इन आरोपों और क्रेडिट एजेंसियों की तरफ से DHFL की रेटिंग घटाए जाने के बाद DHFL के शेयर फिर से गिरने लगे और यह 16.70 रुपये के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। DHFL पर तमाम आरोपों को देखते हुए जून 2021 के बाद से इसके शेयरों में ट्रेडिंग बंद कर दी गई।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।