Amber Enterprises Share Price: मुनाफे में तगड़ा उछाल, फिर भी 17% टूट गया शेयर, आखिर क्यों?

Amber Enterprises Share Price: मार्च तिमाही में उम्मीद से बेहतर मुनाफे के बावजूद अंबर एंटरप्राइजेज के शेयरों में आज बिकवाली का तेज दबाव दिखा और यह करीब 17% टूट गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी का परफॉरमेंस दमदार रहा। जानिए कि अंबर एंटरप्राइजेज के लिए मार्च तिमाही कैसी रही और इसके शेयरों पर दबाव क्यों पड़ा

अपडेटेड May 18, 2026 पर 12:25 PM
Story continues below Advertisement
मार्च 2026 तिमाही में सालाना आधार पर Amber Enterprises का शुद्ध मुनाफा 15.3% के उछाल के साथ ₹134 करोड़ पर पहुंच गया जोकि बाजार के ₹129 करोड़ के अनुमान से अधिक है।

Amber Enterprises Share Price: रूम एसी बनाने वाली दिग्गज कंपनी अंबर एंटरप्राइजेज के शेयरों में आज बिकवाली का भारी दबाव दिखा। मार्च तिमाही के दमदार प्रदर्शन के बावजूद मैनेजमेंट ने आने वाले समय में मार्जिन पर दबाव की आशंका जताई तो निवेशक घबराहट में धड़ाधड़ शेयर बेचने लगे। इसके चलते शेयर करीब 17% टूट गए। यह इसके शेयरों में मई 2022 के बाद से यानी करीब चार साल की सबसे बड़ी गिरावट रही। बिकवाली का दबाव इतना तेज रहा कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद शेयर संभल नहीं पाए और अभी भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 15.70% की गिरावट के साथ ₹7,141.45 पर है। इंट्रा-डे में यह 16.81% टूटकर ₹7,047.65 तक आ गया था।

Amber Enterprises के लिए कैसी रही मार्च तिमाही?

पिछले वित्त वर्ष 2026 की आखिरी तिमाही जनवरी-मार्च 2026 में सालाना आधार पर अंबर एंटरप्राइजेज का शुद्ध मुनाफा 15.3% के उछाल के साथ ₹134 करोड़ पर पहुंच गया जोकि बाजार के ₹129 करोड़ के अनुमान से अधिक है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 10.5% उछलकर ₹4,147.52 करोड़ पर पहुंचा लेकिन यह बाजार की उम्मीद ₹4,238 करोड़ की उम्मीद से कम रही। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹358.23 करोड़ और ऑपरेटिंग मार्जिन 7.9% से 8.6% पहुंच गया जबकि बाजार का अनुमान ₹330 करोड़ के ऑपरेटिंग प्रॉफिट 7.8% के ऑपरेटिंग मार्जिन का था। कंपनी के इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट का रेवेन्यू इस दौरान 20.6% बढ़कर ₹1,015 करोड़ हो गया।


आगे क्या है रुझान?

अंबर एंटरप्राइजेज के मैनेजमेंट ने चेतावनी दी है कि इसके इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस में बढ़ते इनपुट कॉस्ट यानी लागत पर प्रॉफिटेबिलिटी पर अस्थायी तौर पर दबाव दिख सकता है। कंपनी ने अपनी अर्निंग्स कॉल के दौरान कहा कि अस्थायी तौर पर कंसालिडेटेड बेसिस पर मार्जिन पर 50 से 100 बेसिस प्वाइंट्स का दबाव दिख सकता है। हालांकि इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट को लेकर कंपनी लेकर पॉजिटिव है। मैनेजमेंट का कहना है कि पीसीबी और बेयर पीसीबी सेगमेंट के चलते वित्त वर्ष 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट की ग्रोथ मजबूत रही और इस वित्त वर्ष 2027 में भी इसके 40% के रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद है।

कंपनी ने रेलवे बिजनेस में भी तेज ग्रोथ की संभावना जताई है। मैनेजमेंट का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 में रेलवे डिवीजन के 30–35% की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने यह भी कहा कि सिडवाल की ग्रीनफील्ड फैसिलिटी तैयार है और इसी वित्त वर्ष में यहां कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। विस्तार योजनाओं पर कंपनी ने कहा कि एक्सेंट सर्किट (Akcent Circuit) जून 2026 तक कंस्ट्रक्शन का काम शुरू करने के लिए तैयार है तो यूनिट्रॉनिक्स (Unitronics) में हिस्सेदारी बढ़ाकर 50.4% कर दी गई है।

HDFC AMC Share Price: दोहरी मार, एचडीएफसी एएमसी धड़ाम, 3% टूट गया शेयर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।