Crude sensitive stocks :सोमवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इटरनल और इंटरग्लोब एविएशन जैसी क्रूड ऑयल पर निर्भर कंपनियों के शेयर 3 प्रतिशत तक गिर गए हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसका असर इन शेयरों पर देखने को मिल रहा है। मिडिल ईस्ट में 8 अप्रैल को संघर्ष-विराम शुरू होने के बाद से ट्रंप ने बार-बार ईरान पर बमबारी फिर से शुरू करने की चेतावनी दे रहे हैं, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई में व्यवधान को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
तेल मार्केटिंग कंपनियां दबाव में दिख रहीं है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन में कमी आने का डर बढ़ा दिया। ब्रेंट क्रूड लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दिख रही है और ये दो हफ्तों के हाई पर पहुंच गया है। पिछले हफ्ते की लगभग 8 प्रतिशत की बढ़त के बाद यह 112 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ रहा है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI Crude) 108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है।
डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकी ने बढ़ाया डर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर फिर से दबाव डाला कि वह चल रहे संघर्ष को खत्म करने और दुनिया के एक अहम तेल परिवहन मार्ग, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलने के लिए एक समझौता करे। इसके बाद तेल की कीमतों में फिर से उछाल आ गया है। रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, "ईरान के लिए घड़ी की टिक-टिक शुरू हो चुकी है और उन्हें अब तेज़ी से कदम उठाने होंगे—बहुत तेजी से, वरना उनका कुछ भी बाकी नहीं बचेगा।"
ऑयल सेंसिटिव शेयरों पर एक नजर
NSE पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के शेयर 2 प्रतिशत तक गिरकर 359.25 रुपये प्रति शेयर पर आ गए हैं। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के शेयर 2 प्रतिशत तक गिरकर 278.80 रुपये पर आ गए, जबकि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के शेयर 2.5 प्रतिशत तक गिरकर 131.09 रुपये पर आ गए हैं।
इसी तरह NSE पर Eternal के शेयर 2.68 प्रतिशत गिरकर 234.71 रुपये प्रति शेयर के आसपास दिख रहे हैं। LPG की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में रुकावट से रेस्टोरेंट के कामकाज और फ़ूड डिलीवरी सेवाओं पर असर पड़ सकता है। इसका असर Eternal पर देखने को मिल रहा है।
एयरलाइन शेयरों पर बढ़ा दबाव
एयरलाइन शेयरों पर नजर डालें तो IndiGo का संचालन करने वाली कंपनी InterGlobe Aviation के शेयर 1.28 प्रतिशत तक गिर गए हैं। जबकि SpiceJet में 3.2 प्रतिशत की गिरावट आई है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से एविएशन टर्बाइन फ्यूल की लागत बढ़ जाती है, जो एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्चों का एक बड़ा हिस्सा होती है, जिससे इनके मुनाफे पर असर पड़ता है।
भारत को रूसी कच्चे तेल की खरीद पर दी गई छूट को समाप्त
फरवरी के आखिर में जब US और इजराइल ने पहली बार ईरान पर हमले शुरू किए थे, तब से तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इस बीच ट्रंप प्रशासन ने भारत को रूसी कच्चे तेल की खरीद पर दी गई छूट को समाप्त कर दिया है। इससे भी कच्चे तेल में तेजी आई है।
वीकेंड के दौरान फारस की खाड़ी में स्थित एनर्जी के बुनियादी ढांचे पर भी हमला हुआ। संयुक्त अरब अमीरात में एक परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमले से आग लग गई, जिससे इस क्षेत्र में एनर्जी सप्लाई चेन के लिए लगातार बना जोखिम और बढ़ गया है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।