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'कैश लेकर न बैठें', इस कारण कोटक एएमसी के नीलेश शाह ने दी निवेशकों को सलाह

Stock Market Tips: घरेलू स्टॉक मार्केट में बिकवाली का दबाव इतना तगड़ा है कि SIP (सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान) में निवेश भी प्रभावित हो रहा है। इन सबके बीच कोटक एएमसी के एमडी नीलेश शाह ने निवेशकों को सलाह दी है कि कैश अपने पास रखने की बजाय इसे मार्केट में डालें। उन्होंने मार्केट के मौजूदा स्थिति की तुलना सुनील गावस्कर के समय की क्रिकेट टीम से की है

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Feb 14, 2025 पर 3:11 PM
'कैश लेकर न बैठें', इस कारण कोटक एएमसी के नीलेश शाह ने दी निवेशकों को सलाह
घरेलू निवेशकों को नीलेश शाह ने सलाह दी है कि वे शेयरों और म्यूचुअल फंड में और निवेश करें और कैश लेकर न बैठे रहें।

Tips amid Stock Market's heavy fall: स्टॉक मार्केट की इस हाहाकार के बीच बहुत से निवेशक घबराए हुए हैं। बहुत से निवेशकों का पैसा मार्केट में फंसा हुआ है तो कई निवेशक इस उलझन में है कि अभी पैसे लगाएं या नहीं। इसे लेकर कोटक महिंद्रा एएमसी (Kotak Mahindra AMC) के मैनेजिंग डायरेक्टर यानी एमडी नीलेश शाह का कहना है कि सही मौके के इंतजार में पैसे लेकर बैठे रहना समझदारी नहीं है बल्कि निवेश करते रहना चाहिए। उन्होंने मार्केट के मौजूदा स्थिति की तुलना पिछली सदी में 80 के दशक के भारतीय क्रिकेट टीम से की।

स्टॉक मार्केट का क्रिकेट टीम से कैसा कनेक्शन?

कोटक महिंद्रा एएमसी के एमडी नीलेश शाह का कहना है कि उभरते बाजारों यानी विकासशील देशों की कमजोरी के चलते विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) तेजी से पैसे निकाल रहे हैं जिसके चलते बिकवाली की आंधी चल रही है। सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में नीलेश ने उभरते बाजारों के मौजूदा स्थिति की तुलना पिछली सदी के 80 के दशक के भारतीय क्रिकेट टीम से की, जब सुनील गावस्कर के आउट होने पर अधिकतर दर्शक स्टेडियम छोड़कर चले जाते थे क्योंकि बाकी नौ खिलाड़ी अधिक कुछ करने वाले नहीं थे।

उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में एमर्जिंग मार्केट्स का परफॉरमेंस विकसित बाजारों की तुलना में कमजोर ही रहा है। ऐसा चीन, ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका, टर्की और दक्षिण कोरिया की कमजोरी के चलते हुआ। नीलेश ने कहा कि इन सबके बीच सिर्फ एक ही बैट्समैन ने अच्छा खेला, वह है भारतीय मार्केट। हालांकि उन्होंने आगे कहा कि अगर आपके पिच की घास हरी है और यह सूखी घास के बीच में है तो आग इसमें भी लगेगी। बता दें कि दिसंबर तिमाही के कमजोर नतीजे और बढ़ते वैश्विक कारोबारी तनाव के बीच विदेशी निवेशक भारतीय मार्केट से तेजी से पैसे निकाल रहे हैं। जनवरी में उन्होंने 87,374 करोड़ रुपये नेट बिक्री की और इस महीने भी यही रुझान है। हालांकि इस दौरान घरेलू निवेशक शेयरों की ताबड़तोड़ खरीदारी कर रहे हैं।

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