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ट्रेड वार के बीच चीन को एक और झटका, अमेरिकी स्टॉक मार्केट से चाइनीज कंपनियों को बाहर करने की तैयारी

USA vs China Tariff War: अमेरिका और चीन के बीच कारोबारी जंग लगातार गहराती जा रही है। अमेरिकी अथॉरिटीज के मुताबिक चीन पर प्रभावी टैरिफ 145 फीसदी है। वहीं बाकी देशों पर फिलहाल टैरिफ को लेकर 90 दिनों तक की राहत मिली है और अभी 10 फीसदी का टैरिफ प्रभावी है। अब एक और आफत चीन पर आ गई है कि इसकी जो कंपनियां अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट है, उन पर डीलिस्ट की तलवार लटक रही है। जानिए अमेरिकी कानून में अभी क्या प्रावधान है?

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Apr 11, 2025 पर 9:33 AM
ट्रेड वार के बीच चीन को एक और झटका, अमेरिकी स्टॉक मार्केट से चाइनीज कंपनियों को बाहर करने की तैयारी
USA vs China Tariff War: कारोबारी जंग में अमेरिका में चीन को और तगड़ा झटका देने की पूरी तैयारी हो चुकी है और अब बस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की मंजूरी का इंतजार है।

USA vs China Tariff War: कारोबारी जंग में अमेरिका में चीन को और तगड़ा झटका देने की पूरी तैयारी हो चुकी है और अब बस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की मंजूरी का इंतजार है। अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ दे ट्रेजरी स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) का कहना है कि चीन की कंपनियों को अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों से हटाने को लेकर प्रस्ताव तैयार है। एक अमेरिकी न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि चीन के शेयरों को अमेरिकी स्टॉक मार्केट से डीलिस्ट यानी हटाने का फैसला अब राष्ट्रपति ट्रंप को करना है।

अभी क्या है अमेरिकी कानून?

स्कॉट ने चेतावनी दी है कि टैरिफ वार से बाहर निकलने के लिए अवमूल्यन की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन को बातचीत की मेज पर आना चाहिए। चीन की अमेरिका में लिस्टेड कंपनियों की बात करें तो इसे लेकर फिलहाल मामला काफी आगे बढ़ चुका है और माना जा रहा है कि अमेरिकी बाजार नियामक एसईसी के प्रमुख के तौर पर Paul Atkins जब पद संभालेंगे तो इस पर काम करेंगे। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन सरकार से जुड़ी कंपनियों कंपनियों की चीन सरकार से संबंध और बही-खाते की जांच में रुकावट डालने वाली चीन की कंपनियों को डीलिस्ट करने का प्रावधान अमेरिकी कानून में है। अमेरिका की सबसे बड़ी चिंता गोल्डेन शेयरों से है जिसके जरिए लिस्टेड कंपनियों पर चीन सरकार का प्रभुत्व होता है।

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