Angel One Q4 Results: ब्रोकिंग और फिनटेक कंपनी एंजेल वन ने गुरुवार, 16 अप्रैल को चौथी तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 83.5% बढ़कर ₹320 करोड़ हो गया। कंपनी के बोर्ड ने ₹1,500 करोड़ तक जुटाने के लिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की मंजूरी दी है।
रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन
एंजेल वन का रेवेन्यू 38.2% बढ़कर ₹1,459 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹1,056 करोड़ था। यह बढ़ोतरी ग्राहकों की एक्टिविटी बढ़ने की वजह से आई है।
EBITDA 74.6% बढ़कर ₹598 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹343 करोड़ था। EBITDA मार्जिन 32% से बढ़कर 41% हो गया, जिसे ऑपरेटिंग लेवरेज और बेहतर ऑर्डर गतिविधि का फायदा मिला।
एंजेल वन के वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस का AUM तिमाही आधार पर 22.7% बढ़कर मार्च 2026 तक ₹100.8 बिलियन हो गया। इसके साथ ही क्लाइंट बेस 1,900 के पार पहुंच गया।
एसेट मैनेजमेंट बिजनेस का AUM ₹3.6 बिलियन रहा, जबकि ब्रोकिंग सेगमेंट में औसत क्लाइंट फंडिंग बुक ₹58.5 बिलियन पर स्थिर रही।
कंपनी ने कहा है कि FY27 की पहली तिमाही में खर्च बढ़ने का दबाव रह सकता है। इसमें IPL से जुड़े खर्च, सालाना सैलरी बढ़ोतरी, वैरिएबल पे के प्रावधान और नए कर्मचारी स्टॉक ग्रांट शामिल हैं।
एंजेल वन के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश ठक्कर के मुताबिक, भारत में फाइनेंशियलाइजेशन और डिजिटल अपनाने की रफ्तार बढ़ रही है, जिससे बाजार में भागीदारी भी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि कंपनी अपने मुख्य बिजनेस को मजबूत करने के साथ नए क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है। इससे ग्राहक जुड़ाव और इकोसिस्टम दोनों मजबूत हो रहे हैं।
एंजेल वन का शेयर गुरुवार को NSE पर 1.73% गिरकर ₹292.61 पर बंद हुआ। कंपनी का स्टॉक पिछले 1 महीने में 35.22% चढ़ा है। एक साल में इसने 24.51% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 2.64 हजार करोड़ है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।