ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) अपनी दो ब्रिटिश सब्सिडियरी के लोन की गारंटर बनेगी। कंपनी ने शुक्रवार 18 अगस्त को इसकी जानकारी एक्सचेंज फाइलिंग में दी। जानकारी के मुताबिक अशोक लेलैंड अपनी दो ब्रिटिश सब्सिडियरी ऑप्टेयर पीएलसी (Optare Plc) और स्विच मोबिलिटी लिमिटेड (Switch Mobility Ltd.) की लेंडिंग फैसिलिटीज को कवर करने के लिए 8.21 करोड़ ब्रिटिश पौंड (870 करोड़ रुपये) का कॉरपोरेट गारंटी कवर जारी करेगी। इस गारंटी का मतलब हुआ कि अगर इसकी सब्सिडयरीज लोन चुकाने में फेल होती है तो इसे चुकाने का जिम्मा अशोक लेलैंड पर आएगा। हालांकि कंपनी का कहना है कि प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की इस लेन-देन में कोई दिलचस्पी नहीं है और यह कॉरपोरेट गारंटी सिर्फ लेंडर/बैंकिंग फैसिलिटीज को कवर करने के लिए है।
अभी हाल ही में बड़े निवेश का किया था ऐलान
अशोक लेलैंड ने इस कॉरपोरेट गारंटी का ऐलान ऐसे समय में किया है जब हाल ही में इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ओएचएम ग्लोबल मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड (OHM India) के शेयरों को खरीदने की मंजूरी दी। इस मंजूरी के चार दिन बाद अब कॉरपोरेट गांरटी की जानकारी सामने आई है। कंपनी ओएचएम इंडिया के शेयर ओएचएम इंटरनेशनल मोबिलिटी से खरीदेगी। हिंदुजा ग्रुप की कंपनी अशोक लेलैंड का कहना है कि वह ओएचएम इंडिया में 300 करोड़ रुपये तक का निवेश करेगी। इससे पहले कंपनी ने डिफेंस सेक्टर में आर्टिलरी ट्रैक्टर (FAT 4x4) और गन टोइंग व्हीकल (GTV 6x6) के लिए 800 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला था।
Ashok Leyland की सेहत कैसी है
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून के नतीजे कंपनी ने 21 जुलाई को पेश किए थे। इसके मुताबिक कंपनी का स्टैंडएलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 747 फीसदी बढ़कर 576.42 करोड़ रुपये हो गई। इसके मुनाफे को डेफर्ड टैक्स क्रेडिट, हाई वॉल्यूम, कमोडिटी की कीमतों में नरमी और लागत में कटौती से सपोर्ट मिला। वहीं शेयरों की बात करें तो शुक्रवार को बीएसई पर यह 1.38 फीसदी की गिरावट के साथ 186.35 रुपये पर बंद हुआ।