एशियाई शेयर बाजारों में 3 मार्च को लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली। मध्यूपूर्व में चल रही भीषण लड़ाई से इनवेस्टर्स में घबराहट है, जिससे वे बिकवाली कर रहे हैं। एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स करीब 3 फीसदी नीचे चल रहा था। सबसे ज्यादा 7.24 की गिरावट दक्षिण कोरिया के स्टॉक एक्सचेंज में देखने को मिली। 2 फरवरी को भी भारत सहित एशिया बाजारों में गिरावट आई थी।
लड़ाई का दायरा बढ़ने की आशंका
सिंगापुर में वेंटेज प्वाइंट एसेट मैनेजमेंट के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर निक फेरेस ने कहा, "इनवेस्टमेंट को लेकर बड़ा सवाल सिर्फ ईरान से जुड़ा नहीं है बल्कि यह है कि क्या इस लड़ाई का दायरा बढ़ेगा जिससे इसका असर दूसरे बाजारों पर भी पड़ेगा। कल रात को ऐसा लगा था कि यह लड़ाई ज्यादा समय तक नहीं चलेगी। लेकिन, ऐसा सोचना जरूरत से ज्यादा आशावादी होना है।"
होर्मुज की खाड़ी बंद करने की धमकी
यह लड़ाई 28 मार्च को शुरू हुई थी। घटने की जगह यह बढ़ती दिख रही है। ईरान ने सऊदी अरब के रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला कर दिया है। उसने होर्मुज की खाड़ी को भी पूरी तरह से बंद करन की धमकी दी है। दुनिया में करीब 20 फीसदी क्रूड की आपूर्ति होमर्जु खाड़ी के रास्ते होती है। इसके बंद होने से क्रूड की सप्लाई पर पड़ा असर पड़ेगा। इससे क्रूड की कीमतों में आग लग सकती है। पहले ही ब्रेंट क्रूड 79 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल चुका है। 2 मार्च को यह 7 फीसदी से ज्यादा उछला था।
दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा गिरावट
3 मार्च को जापान शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक Nikkei दिन में 12:28 बजे 3.08 फीसदी नीचे था। हैंगसेंग 1.05 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 7.81 फीसदी तक क्रैश कर चुका था। Sanghai Composite 1.43 फीसदी नीचे था। Jakarta Composite 0.42 फीसदी कमजोर था। सिंगापुर का स्ट्रेट टाइम्स एशिया में अकेला चढ़ने वाला सूचकांक था। यह 0.81 फीसदी ऊपर था।
2 मार्च को यूरोपीय बाजारों में दिखी थी बड़ी बिकवाली
अमेरिकी बाजार 2 मार्च को मिलेजुले रुख के साथ बंद हुए थे। हालांकि, यूरीपीय बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। यूके का FTSE 1.21 फीसदी, फ्रांस का CAC 2.22 फीसदी, जर्मनी के DAX में 2.2 फीसदी की गिरावट आई थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में लड़ाई छिड़ने का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ा है। इनवेस्टर्स शेयरों जैसे रिस्की एसेट्स से पैसे निकालकर गोल्ड और सिल्वर में लगा रहे हैं। इससे सोने और चांदी में तेजी दिखी है।
3 मार्च को BSE, NSE में होली की छुट्टी
भारतीय शेयर बाजारों में 2 मार्च को बड़ी गिरावट आई थी। पहले से दबाव में चल रहे भारतीय शेयर बाजार पर इजरायल-अमेरिकी और ईरान की लड़ाई ने दबाव बढ़ा दिया। इससे भारतीय बाजार सोमवार को बड़ी कमजोरी के साथ खुले। फिर बिकवाली बढ़ती गई। कारोबार के अंत में Sensex 1,048 प्वाइंट्स यानी 1.29 फीसदी गिरकर 80,238 पर बंद हुआ। Nifty 50 में भी बड़ी गिरावट आई। यह 313 प्वाइंट्स यानी 1.24 फीसदी लुढ़कर 24,865 पर क्लोज हुआ। 3 मार्च को होली के मौके पर BSE और NSE में छुट्टी है।