Auto stocks: बजट से खुश शेयर बाजार में पिछले दो दिनों से जारी तेजी पर आज यानी गुरुवार 3 फरवरी को ब्रेक लग गया। भारतीय शेयरों में गुरुवार को मुनाफावसूली देखी गई। हालांकि शेयर मार्केट में कमजोरी के बावजूद, ऑटो शेयरों में गुरुवार को भी तेजी का माहौल बना रहा।
दोपहर करीब 12:51 बजे निफ्टी ऑटो इंडेक्स (Nifty Auto index) 163.30 अंक या 1.40 फीसदी की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि इसी दौरान निफ्टी-50 इंडेक्स में 96.70 अंक या 0.54 की गिरावट थी। ऑटो शेयरों में सबसे अधिक उछाल TVS मोटर्स (TVS Motors) में 5 फीसदी की देखी गई। इसके अलावा हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp), बजाज ऑटो (Bajaj Auto), मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) और अशोक लीलैंड (Ashok Leyland) के शेयरों में भी 2 से 3 फीसदी की अच्छी उछाल देखने को मिला।
अगर ऑटो कंपनियों के बिक्री आंकड़ों की बात करें तो जनवरी महीने में यह मिला-जुला रहा है। टाटा मोटर्स की कुल बिक्री में सालाना आधार पर 27 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और इसने अंतरराष्ट्रीय बाजारों सहित कुल 76,210 गाड़िया जनवरी महीने में बेचे। वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा की जनवरी महीने में कुल बिक्री 19.55 फीसदी बढ़कर 46,804 यूनिट रही।
दूसरी तरफ, देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की जनवरी महीने में होलसेल ब्रिक्री 3.96 फीसदी घटकर 1,54,379 यूनिट्स रही। मारुति सुजुकी ने जनवरी 2021 में कुल 1,60,752 की बिक्री की थी।
देखिए आज किन ऑटो शेयरों में कितनी तेजी आई (आंकड़े दोपहर 12:51 बजे तक के)-
बजाज ऑटो की कुल बिक्री भी जनवरी 2022 में 15 फीसदी गिरकर 3,63,443 यूनिट्स रही। कंपनी ने पिछले साल इसी महीने में कुल 4,25,199 यूनिट्स बेचे थे। TVS मोटर्स की जनवरी में कुल बिक्री 13.14 फीसदी घटकर 2,66,788 रही, जो पिछले साल के जनवरी महीने में 3,07,149 यूनिट्स थी।
कोटक सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2022 में ऑटो कंपनियों की बिक्री दवाब में रही। पैसेंजर व्हीकल, टू-व्हीलर और ट्रैक्टर सेगमेंट के बिक्री में सालाना आधार में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट की बिक्री में बढ़ोतरी इस महीने भी जारी रही।
कोटक सिक्योरिटीज ने कहा कि पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में कंज्यूमर सेंटीमेंट अभी भी मजबूत बना हुआ है और हमें उम्मीद है कि चिप की किल्लत से जुड़ी समस्या दूर होने के साथ इसमें सुधार होगा। हालांकि टू-व्हीलर और ट्रैक्टर सेगमेंट के डिमांड पर दवाब देखा जा रहा है।