Bajaj Finance 1 अरब डॉलर का फंड जुटाने की तैयारी में है। कुछ एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी लोन मार्केट में बढ़ती प्रतियोगिता को देखते यह पैसा जुटा रही है। एनालिस्ट्स को बजाज फाइनेंस के स्टॉक्स के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद दिख रही है। जेफरीज ने इसे नॉन-बैंकिंग कंपनियों के स्टॉक्स में अपनी पहली पसंद बताई है। उसका मानना है कि कंपनी बढ़ती प्रतियोगिता का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर रही है। इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में कंपनी के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) की ग्रोथ 32 फीसदी रही है। कंपनी खुद को समय से आगे रखना चाहती है।
एनालिस्ट्स को अच्छी ग्रोथ की उम्मीद
एनालिस्ट्स का कहना है कि ग्रोथ में स्लोडाउन कंपनी के लिए रिस्क है। फाइनेंशियल ईयर 2024 में प्रति शेयर आय की ग्रोथ 6 फीसदी और बुक वैल्यू प्रति शेयर ग्रोथ 11 फीसदी रह सकती है। एनालिस्ट्स का कहना है कि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रूरल फाइनेंसिंग बिजनेस की ग्रोथ उम्मीद से ज्यादा रह सकती है।
कंपनी बढ़ती प्रतियोगिता के लिए कस रही कमर
आनंद राठी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को भी Bajaj Finance के स्टॉक्स के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म के मुख्य BFSI एनालिस्ट कैतव शाह के मुताबिक, फंड जुटाने से कंपनी को ग्रोथ में मदद मिलेगी। कंपनी के लिए ग्रोथ की संभावनाएं पहले के मुकाबले आज ज्यादा हैं। उन्होंने कहा, "हालांकि हमें यह पता नहीं कि कंपनी कितना फंड जुटाएगी. लेकिन इसकी वैल्यूएशन को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि डायल्यूशन वैल्यूएशन के लिहाज से पॉजिटिव होगा।" आनंद राठी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने बजाज फाइनेंस के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है।
क्यूआईपी या प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए जुटा सकती है फंड
मनीकंट्रोल ने अगस्त 2023 में बताया था कि बजाज फाइनेंस 80 करोड़ से 1 अरब डॉलर जुटाने का प्लान बना रही है। इस बारे में बोर्ड अंतिम फैसला 5 अक्टूबर को लेगा। बजाज फाइनेंस ने सितंबर 22 में स्टॉक एक्सचेंज को इस बारे में बताया था। कंपनी क्यूआईपी या प्रिफरेंशियल इश्यू के जरिए यह फंड जुटा सकती है। इस डील के लिए कंपनी चार इनवेस्टमेंट बैंक की पहचान कर ली है। 26 सितंबर को ब्रोकरेज फर्मों और एनालिस्ट्स ने कंपनी के इस प्लान को लेकर पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया। 26 सितंबर को कंपनी का शेयर 0.54 फीसदी चढ़कर 7,862 रुपये पर बंद हुआ।
जियो फाइनेंशियल से मिल सकती है कड़ी टक्कर
लोन मार्केट में जियो फाइनेंशियल की एंट्री हुई है। उधर, HDFC Bank और ICICI Bank अनसेक्योर्ड लोन मार्केट में अपनी पैठ बढ़ा रहे हैं। इन वजहों को देखते हुए बजाज फाइनेंस ने फंड जुटाने का प्लान बनाया होगा। मोतीलाल ओसवाल के एनालिस्ट्स का कहना है कि हमें जियो फाइनेंशियल के गेम प्लान के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। लेकिन, ऐसा लगता है कि कंपनी शुरुआत में कंज्यूमर और मर्चेंट लेंडिंग में उतरना चाहती है। कुछ सूत्रों का कहना है कि जियो फाइनेंशियल ने रिलायंस के कंज्यूमर ड्यूरेबल/लाइफस्टाइल में पायलट प्रोजेक्ट के तहत कंज्यूमर लोन देना शुरू कर दिया है।
मोतीलाल ओसवाल ने बजाज फाइनेंस के स्टॉक्स को खरीदने की सलाह दी है। उसने कहा है कि फंड जुटाना इस का संकेत है कि बजाज फाइनेंस एनबीएफसी इंडस्ट्री में आ रहे बदलाव का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर रही है। अगले कुछ सालों में इस मार्केट में प्रतियोगिता बहुत बढ़ जाएगी। उसने यह भी कहा है कि कंपनी का फंड जुटाने का प्लान अनुमान से पहले सामने आया है।