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Bajaj Finance के शेयरों में लगातार गिरावट, खरीदें, होल्ड करें या बेच दें? एक्सपर्ट्स की ये है राय

पिछले एक महीने में Bajaj Finance के शेयरों में 13 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, पिछले 6 महीने में यह 5 फीसदी गिरा है। पिछले एक साल में इसके निवेशकों को महज 5 फीसदी का रिटर्न मिला है। हालांकि, पिछले 5 सालों में इसने 160 फीसदी का मुनाफा कराया है

Curated By: Shubham Singh Thakurअपडेटेड Feb 11, 2024 पर 10:01 PM
Bajaj Finance के शेयरों में लगातार गिरावट, खरीदें, होल्ड करें या बेच दें? एक्सपर्ट्स की ये है राय
बजाज फाइनेंस के शेयरों ने अपने खराब प्रदर्शन से निवेशकों काफी निराश किया है।

Bajaj Finance Share Price : बजाज फाइनेंस के शेयरों ने अपने खराब प्रदर्शन से निवेशकों काफी निराश किया है। इस शेयर ने पहले अपने निवेशकों को काफी रिटर्न दिया है और कई ब्रोकरेज स्टॉक पर बुलिश भी रहे हैं। हालांकि, आज ऐसे समय में जब शेयर बाजार लगातार अपने रिकॉर्ड हाई को छू रहा है, इस स्टॉक में गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में 13 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। पिछले एक साल में इसने महज 5 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि इस दौरान BSE सेंसेक्स 18 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इसके अलावा, इस साल अब तक बजाज फाइनेंस के शेयर 8 फीसदी गिर चुके हैं। वहीं, बीएसई सेंसेक्स 0.94 प्रतिशत नीचे गया है।

2006 के बाद से ऐसे कई उदाहरण हैं जहां बजाज फाइनेंस के शेयरों ने लगातार चार महीनों तक BSE सेंसेक्स से कमजोर प्रदर्शन किया है। उदाहरण के लिए मार्च 2022 से जून 2022, अगस्त 2022 से नवंबर 2022, अप्रैल 2007 से जुलाई 2007 और जून 2006 से सितंबर 2006 की अवधि में हमने देखा कि बजाज फाइनेंस के शेयरों ने मासिक आधार पर खराब प्रदर्शन किया।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

फाइनेंशियल सेक्टर पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स के अनुसार, "NSDL द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी में FPIs सभी फाइनेंशियल सेक्टर्स में 3.6 अरब डॉलर के नेट सेलर्स थे। F&O की बात करें तो एफपीआई वित्तीय क्षेत्र में भी काफी हद तक कमजोर रहे हैं। डेरिवेटिव डेटा के मुताबिक वित्तीय स्थिति में ब्याज में बड़ी कमी देखी गई है। सुस्त डिपॉजिट ग्रोथ और फंड की ऊंची लागत ने मार्जिन पर असर डाला है। इसके अलावा, अन-सिक्योर्ड लेंडिंग भी चिंता का कारण रहा है। इसके अलावा, पिछले कुछ सालों में फाइनेंशियल में हायर इंस्टीट्यूशनल ओनरशिप भी उन कारणों में से एक रहा है जिसने बाधा का काम किया है। "

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