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₹2.05 करोड़ की रिश्वत के आरोप में फंसे HDFC बैंक के सीईओ, SC ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से किया इनकार

एचडीएफसी बैंक (HDFC बैंक) के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शशिधर जगदीशन (Sashidhar Jagdishan) को सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार 4 जुलाई को बड़ा झटका लगा। कोर्ट ने मुंबई के लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया है। यह ट्रस्ट मुंबई के फेमस लीलावती हॉस्पिटल को चलाता है

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jul 04, 2025 पर 1:21 PM
₹2.05 करोड़ की रिश्वत के आरोप में फंसे HDFC बैंक के सीईओ, SC ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से किया इनकार
लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट की दाखिल याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट 14 जुलाई को सुनवाई करेगा

एचडीएफसी बैंक (HDFC बैंक) के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शशिधर जगदीशन (Sashidhar Jagdishan) को सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार 4 जुलाई को बड़ा झटका लगा। कोर्ट ने मुंबई के लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया है। यह ट्रस्ट मुंबई के फेमस लीलावती हॉस्पिटल को चलाता है। इसने शशिधर जगदीशन के खिलाफ फ्रॉड, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात के आरोपों में FIR दर्ज कराया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह बॉम्बे हाईकोर्ट से इस मामले 14 जुलाई को सुनवाई की उम्मीद करता है और तब तक किसी तरह की अंतरिम राहत नहीं दी गई है।

क्या है मामला?

यह मामला लीलावती कीर्ति लाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई एक शिकायत से जुड़ा है। ट्रस्ट का आरोप है कि शशिधर जगदीशन ने चेतन मेहता ग्रुप (Chetan Mehta Group) का ट्रस्ट के प्रशासन पर अवैध और अनुचित नियंत्रण बनाए रखने में मदद करने और वित्तीय सलाह देने के बदले में कथित तौर पर 2.05 करोड़ रुपये की रिश्वत ली।

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