Britannia Share Prices: ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के शेयरों में 8 मई को बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह कंपनी का ऐलान है। उसने कहा है कि वह अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाएगी। इसकी वजह पश्चिम एशिया में टेंशन की वजह से फ्रेट कॉस्ट में बड़ा इजाफा है। इसका अलावा कई ब्रोकरेज फर्मों ने आगे कंपनी की सेल्स में सुस्ती का अनुमान जताया है। हालांकि, मार्च तिमाही में ब्रिटानिया का प्राफिट बढ़ा है।
कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट में 21 फीसदी उछाल
Britannia Industries ने 7 मई को मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। इसका असर कंपनी के शेयरों पर 8 मई को दिखा। मार्च तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 21.2 फीसदी बढ़कर 678 करोड़ रुपये रहा। यह एनालिस्ट्स के अनुमान के मुताबिक है। एनालिस्ट्स ने कंपनी का प्रॉफिट 670 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था।
इस साल 7 फीसदी गिरा है शेयर
8 मई को ब्रिटानिया का शेयर कमजोर खुला। फिर कारोबार खत्म होने पर यह 5.13 फीसदी गिरकर 5,516 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 7 फीसदी से ज्यादा गिरा है। कंपनी ने कहा है कि वह मई के मध्य में सप्लाई पर दबाव घटाने के लिए इंडिया के साथ ही विदेश में कंपनी के प्लांट्स से सोर्सिंग बढ़ाएगी।
कीमतें बढ़ाने के एलान से गिरा शेयर
अमेरिका और ईरान की लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। इसका असर क्रूड ऑयल सहित दूसरी कमोडिटीज की कीमतों पर पड़ा है। इससे खासकर फ्रेट कॉस्ट काफी बढ़ी है। इसके चलते कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाने को मजबूर हुई हैं या बढ़ाने जा रही हैं। कंपनियों का कहना है कि कीमतें नहीं बढ़ाने का असर उनके मार्जिन पर पड़ सकता है।
यूएस-ईरान की लड़ाई से बढ़ी फ्रेट कॉस्ट
ब्रिटानिया ने अभी यह नहीं बताया है कि वह प्रोडक्ट्स की कीमतों में कितना इजाफा करेगी। कंज्यूमर गुड्स कंसल्टेंट अक्षय डीसूजा ने रायटर्स से कहा, "आम तौर पर कंज्यूमर कंपनियां पहली तिमाही में कीमतें बढ़ाती हैं। लेकिन, अभी की स्थिति में कीमतें बढ़ाने के बावूजद इनपुट कॉस्ट बढ़ने के असर की भरपाई नहीं हो पाएगी।"
ऑपरेशंस से रेवेन्यू 6 फीसदी बढ़ा
एक साल पहले की मार्च तिमाही में ब्रिटानिया का प्रॉफिट 559.13 करोड़ रुपये था। FY26 की मार्च तिमाही में प्रोडक्ट्स सेल्स से कंपनी का रेवेन्यू 7 फीसदी बढ़कर 4,685.95 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 6.46 फीसदी बढ़कर 4,718.92 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का कुल खर्च 6.2 फीसदी बढ़कर 3,969.96 करोड़ रुपये रहा।
सेंसेक्स और निफ्टी में भी 0.5 फीसदी गिरावट
8 मई को शेयर बाजारों में भी गिरावट दिखी। निफ्टी 150 अंक यानी 0.62 फीसदी गिरकर 24,176 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 516 अंक गिरकर 77,328 अंक पर बंद हुआ। 7 मई को भी बाजार में हल्की गिरावट आई थी।