चीन की नीतियों से मिला सपोर्ट, BSE Metal पहुंच गया 17 महीने के हाई पर

बीएसई का मेटल इंडेक्स बीएसई मेटल (BSE Metal) पिछले 11 कारोबारी दिनों में 7 दिन मजबूत हुआ है और अब यह करीब 17 महीने के हाई पर पहुंच गया। इसकी तेजी की एक बड़ी वजह चीन की नीतियां हैं। हैरानी की बात नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन ने कुछ नीतियां अपनाई है जिससे निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार पर बढ़ा। इसके अलावा कुछ और बातों से सपोर्ट मिल रहा है

अपडेटेड Sep 05, 2023 पर 11:02 AM
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पिछले 11 कारोबारी सत्रों में बीएसई का मेटल इंडेक्स 10 फीसदी से अधिक उछला जबकि इस दौरान इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 1 फीसदी से थोड़े ही अधिक मजबूत हुए।

बीएसई का मेटल इंडेक्स बीएसई मेटल (BSE Metal) पिछले 11 कारोबारी दिनों में 7 दिन मजबूत हुआ है और अब यह करीब 17 महीने के हाई पर पहुंच गया। इसकी तेजी की एक बड़ी वजह चीन की नीतियां हैं। हैरानी की बात नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन ने कुछ नीतियां अपनाई है जिससे निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार पर बढ़ा। इसके अलावा एक और बात से बीएसई मेटल इंडेक्स को सपोर्ट मिला, वह है घरेलू कंपनियों की तरफ से कीमतों में बढ़ोतरी। बीएसई मेंटल इंडेक्स 4 सितंबर को इंट्रा-डे में 3.5 फीसदी उछकर 23,284 की हाई पर पहुंचा था। पिछले 11 कारोबारी सत्रों में यह 10 फीसदी से अधिक उछला जबकि इस दौरान इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 1 फीसदी से थोड़े ही अधिक मजबूत हुए।

चीन की किन नीतियों से मिला BSE Metal को सपोर्ट

हाल ही में चीन ने प्रॉपर्टी सेक्टर को सपोर्ट करने के लिए मॉर्गेज रेट में कमी के साथ-साथ पहली और दूसरी बार घर खरीदने वाले लोगों के लिए डाउनपेमेंट की जरूरतों को कम करने का ऐलान किया। मौजूदा लेनदारों को अपने पहले घर को लेकर लिए गए कर्ज की ब्याज दरों पर फिर से मोल-भाव की मंजूरी दी गई है। वहीं जो पहली बार घर खरीद रहे हैं, उन्हें अब कम डाउनपेमेंट करना पड़ेगा लेकिन यह 20 फीसदी से कम नहीं होगा जबकि दूसरी बार घर खरीदने वालों के लिए यह लिमिट कम तो हुई है लेकिन 30 फीसदी से नीचे नहीं आएगी।


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इसके अलावा चीन की एक दिग्गज रियल एस्टेट डेवलपर कंट्री ग्राडेन ने 390 करोड़ चाइनीज युआन (11.56 करोड़ रुपये) का कर्ज विस्तार हासिल किया। इससे सितंबर 2023 की डेडलाइन से सेक्टर को राहत मिली और कर्ज चुकाने के लिए तीन साल का अतिरिक्त समय मिल गया।

ब्रोकरेज का क्या है रुझान

घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की बात करें तो पहले प्रॉपर्टी सेक्टर इकनॉमी को सपोर्ट देता था लेकिन अभी की बात करें तो चीन की नीतियों से एक सीमा तक ही फायदा मिलेगा। इसकी वजह ये है कि पहली बार खरीदने वालों की तरफ से मांग कम दिख रही है, आय बढ़ नहीं रही है, युवाओं में बेरोजगारी रिकॉर्ड लेवल पर है और बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है। अब यहां के मार्केट की बात करें तो मांग मजबूत बनी हुई है जिससे अगस्त 2023 से स्टील कंपनियों को कई बार कीमत बढ़ाने का मौका मिल रहा है। इससे पहले स्टील की कीमतें वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव और मानसून से प्रभावित होती थी लेकिन अब ये निचले स्तर पर पहुंच गई है और अब इसमें धीरे-धीरे ऊपर की ओर जाने का रुझान दिख रहा है।

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ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू मांग को लेकर माहौल अच्छा दिख रहा है और कीमतों में हालिया बढ़ोतरी से इस वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी छमाही में मार्जिन को सपोर्ट मिलेगा और कोकिंग कोयले की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी की भरपाई होगी। ऐसे में ब्रोकरेज ने जिंदल स्टील एंड पावर को खरीजारी की रेटिंग दी है। मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि लॉन्ग स्टील की मांग लंबे समय तक मजबूत बनी रहेगी क्योंकि इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में तेजी आ रही है।

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