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Sensex-Nifty नहीं, शेयर बाजार में यहां बन रहा पैसा; लेकिन एक्सपर्ट्स ने महंगे भाव को लेकर दी चेतावनी

Share Maret Today: शेयर बाजार में आज 9 दिसंबर को कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिली। हालांकि बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) और स्मॉलकैप (BSE Smallcap) इंडेक्स तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। इन दोनों इंडेक्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार तेजी देखने को मिल रही है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स पिछले 11 कारोबारी दिन में से 10 दिन बढ़त के साथ बंद हुआ है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 09, 2024 पर 2:44 PM
Sensex-Nifty नहीं, शेयर बाजार में यहां बन रहा पैसा; लेकिन एक्सपर्ट्स ने महंगे भाव को लेकर दी चेतावनी
BSE Smallcap इंडेक्स में पिछले लगातार 11 दिनों से तेजी जारी है और ये अपने रिकॉर्ड हाई से महज 1% दूर है

Share Maret Today: शेयर बाजार में आज 9 दिसंबर को कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिली। हालांकि बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) और स्मॉलकैप (BSE Smallcap) इंडेक्स तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। इन दोनों इंडेक्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार तेजी देखने को मिल रही है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स पिछले 11 कारोबारी दिन में से 10 दिन बढ़त के साथ बंद हुआ है। वहीं स्मॉलकैप इंडेक्स में लगातार 11 दिनों से तेजी जारी है। 13 नवंबर से अब तक दोनों इंडेक्सों में करीब 9 प्रतिशत की तेजी आई है। BSE मिडकैप सूचकांक तो अब अपने रिकॉर्ड हाई से महज 4 प्रतिशत दूर है। वहीं बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स अपने शिखर से सिर्फ एक प्रतिशत पीछे है।

इस तेजी से पहले अक्टूबर और नवंबर के बीच दोनों इंडेक्सों में तेज करेक्शन देखने को मिला था और ये 10 प्रतिशत से भी अधिक लुढ़क गए थे। हालांकि, सबसे अहम बात यह है कि इन दोनों इंडेक्सों में हालिया तेजी के बावजूद, मार्केट एक्सपर्ट्स इनके ऊंचे वैल्यूएशन के चलते निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि करेक्शन पूरी तरह से खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 18 महीनों के दौरान हमने बाजार में अंधाधुंध पैसा बनता देखा था, लेकिन अब ये रणनीति काम नहीं आने वाली है। इसकी जगह निवेशकों को स्टॉक चुनने में अधिक सतर्कता और फंडामेंटल्स पर फोकस करने की सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट के सभी शेयरों में मौजूदा स्तरों से पर्याप्त लाभ देने की उम्मीद नहीं है।

असित सी मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स के रिसर्च हेड, सिद्धार्थ भामरे ने कहा, "मैं इस बात को लेकर बहुत पॉजिटिव नहीं हूं कि यह उछाल किसी ट्रेंड रिवर्सल का संकेत है। इस बात की संभावना है कि आर्थिक ग्रोथ धीमी होने, कमजोर अर्निंग्स और ऊंची महंगाई जैसी लगातार चुनौतियों के कारण इस रैली को बिकवाली का सामना करना पड़ेगा।"

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