बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने सेंसेक्स, बैंकेक्स और सेंसेक्स 50 इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए एक्सपायरी डे में बदलाव किया है। यह रिवीजन 1 जनवरी, 2025 से प्रभावी होगा। BSE के मुताबिक, सेंसेक्स के वीकली डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए एक्सपायरी डे 1 जनवरी से हर सप्ताह के शुक्रवार से बदलकर मंगलवार हो जाएगा। वहीं सेंसेक्स, बैंकेक्स और सेंसेक्स 50 के सभी मंथली डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के मामले में कॉन्ट्रैक्ट्स महीने के आखिरी मंगलवार को एक्सपायर होंगे। अभी इनका एक्सपायरी डे सेंसेक्स के मामले में महीने का आखिरी शुक्रवार, बैंकेक्स के लिए आखिरी सोमवार और सेंसेक्स 50 के लिए आखिरी गुरुवार है।
तिमाही और छमाही एक्सपायरी डे की बात करें तो सेंसेक्स के क्वार्टर्ली और सेमी-एनुअल कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपारी महीने के अंतिम मंगलवार को होगी। अभी यह अंतिम शुक्रवार को होती है। सेंसेक्स के तिमाही और छमाही कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए एक्सपायरी डे 1 जनवरी 2025 से एक्सपायरी मंथ का आखिरी मंगलवार होगा। अभी यह आखिरी शुक्रवार होता है।
सेंसेक्स 50 और बैंकेक्स पर वीकली इंडेक्स डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स बंद
BSE ने नवंबर महीने की शुरुआत में सेंसेक्स 50 और बैंकेक्स पर वीकली इंडेक्स डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स बंद कर दिए थे। ऐसा कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के नए नियमों का पालन करने के लिए किया गया। सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों से 20 नवंबर से वीकली ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स को प्रति एक्सचेंज एक तक सीमित करने के लिए कहा था।
शेयर बाजार में क्या होती है डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्टस की एक्सपायरी डेट
डेरिवेटिव्स मार्केट में एक्सपायरी डेट किसी कॉन्ट्रैक्ट को होल्ड करने की आखिरी तारीख होती है। इस तारीख के बाद वह कॉन्ट्रैक्ट वैलिड नहीं रहता है। एक्सपायरी डेट पर डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायर हो जाता है। डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्टस में स्टॉक, कमोडिटी, करेंसी आदि पर फ्यूचर एंड ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स शामिल हैं।
फ्यूचर एंड ऑप्शंस में दो पार्टीज भविष्य की किसी तारीख पर किसी एसेट को पहले से तय की गई कीमत पर खरीदने या बेचने का वादा करती हैं। ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स में इस वादे को पूरा करने की जरूरत नहीं होती है और कॉन्ट्रैक्ट, एक्सपायरी डेट पर एक्सपायर हो जाता है। वहीं फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स में एक्सपायरी डेट पर वादे को पूरा करना होता है। कॉन्ट्रैक्ट को एक्सपायर नहीं होने दे सकते।