सरकार को अगले बजट में पूंजीगत खर्च बढ़ाने और फिस्कल कंसॉलिडेशन के बीच संतुलन बनाए रखने में ज्यादा दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने यह अनुमान जताया है। आरबीआई से मिला डिविडेंड और शानदार टैक्स कलेक्शन इसकी वजह है। फिस्कल कंसॉलिडेशन के लिए सरकार के पास करीब 40-50 बेसिस प्वाइंट्स की गुंजाइश है। इससे सरकार को कई मकसद पूरे करने में मदद मिलेगी। सरकार पूंजीगत खर्च बढ़ाने के साथ ही सामाजिक योजनाओं पर ज्यादा खर्च कर सकेगी।
