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Budget 2026: LTCG पर टैक्स एग्जेंप्शन लिमिट बढ़ाकर की जाए ₹2 लाख, STT में न हो और इजाफा- मार्केट पार्टिसिपेंट्स

Budget 2026: जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ने कैपिटल लॉस को अन्य मदों के तहत होने वाली आय के साथ एडजस्ट करने की इजाजत देने की मांग भी की है। यह भी मांग है कि 'लॉन्ग टर्म' की परिभाषा को 12 महीने के तौर पर सभी एसेट क्लास के लिए एक समान रूप से लागू किया जाना चाहिए

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jan 18, 2026 पर 2:51 PM
Budget 2026: LTCG पर टैक्स एग्जेंप्शन लिमिट बढ़ाकर की जाए ₹2 लाख, STT में न हो और इजाफा- मार्केट पार्टिसिपेंट्स
केंद्रीय बजट 2026 को 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में पेंश करेंगी।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स चाहते हैं कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश होने जा रहे आम बजट में कैपिटल मार्केट के लिए टैक्सेशन को आसान बनाया जाए। उनकी ओर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर हायर एग्जेंप्शन लिमिट की मांग भी की गई है। सुझाव है कि सरकार को ट्रांजेक्शन टेक्सेज में और वृद्धि करने से बचना चाहिए। केंद्रीय बजट 2026 को 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में पेंश करेंगी।

बाजार के स्टेकहोल्डर्स चाहते हैं कि रिटेल इनवेस्टर्स और लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स को अधिक राहत मिले। इसके लिए उन्होंने इक्विटी में निवेश से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर टैक्स एग्जेंप्शन लिमिट बढ़ाने की मांग की है।

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज की बजट विशलिस्ट

अपनी बजट विशलिस्ट में जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि सरकार को इक्विटी (LTCG) के लिए टैक्स-एग्जेंप्शन लिमिट को 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर देना चाहिए। साथ ही 'लॉन्ग टर्म' की परिभाषा को 12 महीने के तौर पर इक्विटी, डेट, गोल्ड और रियल एस्टेट सहित सभी एसेट क्लास के लिए एक समान रूप से लागू कर देना चाहिए। इससे जटिलता कम होगी और कर स्पष्टता में सुधार होगा। साथ ही जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ने कैपिटल लॉस को अन्य मदों के तहत होने वाली आय के साथ एडजस्ट करने की इजाजत देने की मांग भी की है।

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