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Budget 2026: क्या शेयर बायबैक के टैक्स के नियमों में बदलाव कर सकती है सरकार?

टैक्स के नए नियमों के लागू होने के बाद शेयर बायबैक में निवेशकों की दिलचस्पी घटी है। सरकार ने यूनियन बजट 2024 में शेयर बायबैक के टैक्स के नियमों में बदलाव का ऐलान किया था। इनवेस्टर्स सरकार से इस नियम में बदलाव चाहते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 19, 2026 पर 6:01 PM
Budget 2026: क्या शेयर बायबैक के टैक्स के नियमों में बदलाव कर सकती है सरकार?
सरकार अगर शेयर बायबैक पर टैक्स के नियमों में बदलाव करती है तो इससे फिर से इसमें निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।

सरकार ने यूनियन बजट 2024 में शेयर बायबैक के टैक्स के नियमों में बदलाव का ऐलान किया था। नए नियम में कहा गया है कि कंपनी अगर शेयरहोल्डर्स से अपने शेयरों को बायबैक करती है तो उसे शेयरहोल्डर्स के लिए डिविडेंड इनकम माना जाएगा। उस पर टैक्सपेयर्स को अपने स्लैब रेट के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा। इस नियम के बाद शेयर बायबैक का अट्रैक्शन कम हो गया है। इनवेस्टर्स इस नियम में सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं।

पहले शेयर बायबैक पर टैक्स के नियम

पहले कोई लिस्टेड कंपनी जब अपने शेयर बायबैक करती थी तो उसे डिस्ट्रिब्यूटेड इनकम पर टैक्स चुकाना पड़ता था। इसका इफेक्टिव रेट 23.29 फीसदी था। इसमें 20 फीसदी टैक्स, 12 फीसदी का सरचार्ज और 4 फीसदी का हेल्थ और एजुकेशन सेस शामिल था। यह टैक्स बायबैक के लिए कंपनी की तरफ से चुकाए गए अमाउंट और शेयर इश्यू करने पर मिले अमाउंट के बीच के फर्क पर लगता था। यूनियन बजट 2024 में नियम बदलने के बाद बायबैक ऑफर में हिस्सा लेने वाले निवेशकों को उस पूर अमाउंट पर टैक्स चुकाना पड़ता है, जो कंपनी से उन्हें मिलता है।

टैक्स के नए नियमों से बायबैक में घटी दिलचस्पी

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