ये चाय बड़ी दिलचस्प चीज है। चाय प्रतीक है दोस्ती का, मानसम्मान का, दिल की बातें करने का। जब किसी विषय या मुद्दे से प्यार हो तो उसकी चर्चा करते हुए चाय की चुस्कियां लगाई जाती हैं इसे ही कहते हैं चाय पर चर्चा। इस वक्त देश में सियासी माहौल गरम है। आप जहां भी नजरें घुमाएंगे चाय की गुमटी पर राजनीति के सुलगते मुद्दों लोग चर्चा करते मिल जाएंगे।
कुछ वक्त पहले ही इससे ही क्लू लेते हुए सीएनबीसी-आवाज़ ने भी चाय पर चर्चा प्रोग्राम शुरू किया था। अब दर्शकों की भारी डिमांड पर इसे फिर से शुरू किया जा रहा है। इस शो में बाजार, राजनीति और देश के सुलगते मुद्दों की चर्चा होगी। तो तैयार हो जाइए आवाज़ की टीम के साथ गरमा-गरम चाय के साथ चटपटी चर्चा के लिए। इस चर्चा में जुड़ रहे हैं आवाज़ के कंसल्टिंग एडिटर शैलेंद्र भटनागर, हेमंत घई, नीरज वाजपेयी और विरेंद्र कुमार।
राजनीति से शुरुआत करें तो चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस नेता सुजय विखे पाटील बीजेपी में शामिल हो गए हैं। सुजय नेता विपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल के बेटे हैं। खबरें हैं कि कालीदास कालोम्बकर भी कांग्रेस छोड़ सकते हैं। कालीदास कालोम्बकर वडाला से कांग्रेस विधायक हैं। गुजरात के 3 कांग्रेस विधायक बीजेपी में शामिल हुए हैं। असम के नेता गौतम रॉय भी कांग्रेस छोड़ सकते हैं।
सहयोगी भी कांग्रेस का साथ छोड़ते नजर आ रहे हैं। बीएसपी ने कहा है कि कांग्रेस से कहीं भी गठबंधन नहीं होगा। वंचित बहुजन आघाडी का कांग्रेस से गठबंधन नहीं हो सका है। वंचित बहुजन आघाडी 48 सीटों पर लड़ेगी चुनाव। एआईएमआईएम और वंचित बहुजन आघाडी मिलकर चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि वंचित बहुजन आघाडी प्रकाश आंबेडकर की पार्टी है और एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी है।
इस बीच शरद पवार का बयान आया है कि लोकसभा चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। लेकिन नरेंद्र मोदी फिर से प्रधान मंत्री नहीं बन पाएंगे। बीजेपी को दूसरे दलों की जरूरत हुई है तो कोई और पीएम बनेगा।