Market This Week: इस हफ्ते पश्चिम एशिया के हालात, Q4 नतीजों, महंगाई के आंकड़ों समेत इन अहम फैक्टर्स से तय होगी बाजार की चाल

Market This Week: पश्चिम एशिया में संघर्ष विराम को लेकर शनिवार को पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच हुई 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा रही है। इसके चलते सोमवार को शेयर बाजार खुलने पर निवेशकों की धारणा पर असर पड़ सकता है

अपडेटेड Apr 12, 2026 पर 4:12 PM
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शुक्रवार को सेंसेक्स 918.60 अंकों की बढ़त के साथ 77,550.25 पर बंद हुआ।

10 अप्रैल को खत्म हुए पिछले कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स ने कुल 4,230.7 अंक या 5.77 प्रतिशत की छलांग लगाई। वहीं निफ्टी में 1,337.5 अंक या 5.88 प्रतिशत की बढ़त रही। शुक्रवार को सेंसेक्स 918.60 अंकों की बढ़त के साथ 77,550.25 पर और निफ्टी 275.50 अंकों की बढ़त के साथ 24,050.60 पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों के सकारात्मक रुख, अमेरिका-ईरान की बातचीत से पश्चिम एशिया संकट नरम पड़ने की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, घरेलू शेयर बाजार में बैंक, वाहन और रियल्टी शेयरों में जोरदार खरीदारी से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। अब 13 अप्रैल से शुरू सप्ताह में बाजार की चाल किन फैक्टर्स के आधार पर तय होगी, आइए जानते हैं...

पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रम

पश्चिम एशिया में संघर्ष विराम को लेकर शनिवार को पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच हुई 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा रही है। इसके चलते सोमवार को शेयर बाजार खुलने पर निवेशकों की धारणा पर असर पड़ सकता है। प्रमुख सूचकांक लाल निशान में खुल सकते हैं और बाजार में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा कि अमेरिकी पक्ष की अत्यधिक मांगों के कारण बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने कहा कि ईरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे न हटने के कारण शांति समझौता नहीं हो सका। बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जे डी वेंस ने ही किया।


उन्होंने कहा कि अमेरिकी पक्ष ने अपना अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव रखा था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। वहीं, ईरानी पक्ष ने कहा कि कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन दो से तीन महत्वपूर्ण विषयों पर मतभेद बने रहे। ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा किए जाने के 4 दिन बाद शनिवार को बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचे थे। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई थी।

ग्लोबल मार्केट्स

अमेरिका और ईरान के किसी समझौते पर न पहुंच पाने के कारण ग्लोबल मार्केट्स में गिरावट आ सकती है। ऐसा हुआ तो इसका असर भारतीय शेयर बाजारों में भी देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्केई, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजार फ्लैट रहे, जबकि अमेरिकी बाजार मामूली गिरावट में बंद हुए।

कच्चे तेल की कीमत

एनालिस्ट्स का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतें भी इस सप्ताह बाजार की दिशा तय करेंगी। अमेरिका और ईरान की बातचीत नाकाम रहने से तेल की कीमतों में फिर से उबाल आ सकता है। इससे महंगाई बढ़ने का जोखिम और बढ़ जाएगा। बीते सप्ताह के आखिर में ब्रेंट फ्यूचर्स गिरकर 95.20 डॉलर प्रति बैरल और US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स गिरकर 96.57 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे

नए सप्ताह में ICICI AMC, HDFC AMC, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, यस बैंक, PNB हाउसिंग फाइनेंस विप्रो, HDFC Bank, इंडियन बैंक, ICICI Bank, जस्ट डायल, स्वराज इंजन्स, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, तेजस नेटवर्क्स समेत 50 कंपनियां जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इन पर बाजार की खास नजर रहेगी।

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महंगाई के आंकड़े

नए शुरू हो रहे सप्ताह में देश में मार्च महीने की खुदरा महंगाई और थोक महंगाई के आंकड़े भी जारी होंगे। इन पर मार्केट पार्टिसिपेंट्स की करीब से नजर रहेगी। खुदरा महंगाई का आंकड़ा 13 अप्रैल को और थोक महंगाई का आंकड़ा 14 अप्रैल को सामने आएगा।

विदेशी निवेशकों की गतिविधि

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार में अप्रैल के पहले 10 दिन में ही 48,213 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके पीछे कारण भू-राजनीतिक तनाव और ग्लोबल मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितता है। पश्चिम एशिया संकट से पैदा हुए ऊर्जा संकट, रुपये में कमजोरी और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके संभावित असर की वजह से FPI सेलर बने हुए हैं। आगे विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के सामान्य रूप से खुलने, रुपये की स्थिरता और कंपनियों के चौथी तिमाही के बेहतर नतीजों जैसे फैक्टर्स पर निर्भर करेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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