केमिकल शेयरों की स्थिति आज ऐसी दिख रही है, जो करीब 2 साल पहले ITC के शेयरों की थी। इन शेयरों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के मीम्स देखने को मिल रहे हैं। 2021-22 तक केमिकल शेयरों में शानदार तेजी थी। लेकिन, उसके बाद से इनका प्रदर्शन लगातार कमजोर रहा है। बुल्स का मानना है कि केमिकल स्टॉक्स को चाइना प्लस-वन पॉलिसी से काफी फायदा होगा, क्योंकि बायर्स अपने वेंडर्स बेस को डायवर्सिफाय करना चाहते हैं।
लेकिन, बेयर्स का मानना है कि चीन की इकोनॉमी में कमजोरी बढ़ने से चाइनीज केमिकल कंपनियां ग्लोबल मार्केट्स में सस्ते में अपने प्रोडक्ट्स बेचेंगी। हालांकि, इंडियन कंपनियां धीरे-धीरे पॉजिटिव हो रही हैं। Vinati Organics ने कहा है कि क्लाइंट्स के इनवेंट्री लेवल में काफी कमी आई है। FY25 से वॉल्यूम बढ़ने की उम्मीद दिख रही है। उधर, मार्केट्स के जानकारों का कहना है कि माहौल में सुधार हो रहा है, लेकिन शेयरों की कीमतों में धीरे-धीरे इजाफा होगा।
जानकारों का कहना है कि बड़ी संख्या में निवेशकों ने केमिकल स्टॉक्स में निवेश किया था। लंबे इंतजार के बाद उन्हें लॉस से उबरने या थोड़ा प्रॉफिट कमाने का मौका मिलेगा। इसके अलावा ज्यादातर कंपनियां पूंजीगत खर्च कर रही हैं, जिससे मार्जिन उतना ज्यादा नहीं रहेगा, जितना यह पहले था। जहां तक लंबी अवधि की बात है तो केमिकल स्टॉक्स में अच्छी संभावना दिख रही है। लेकिन, शॉर्ट टर्म थोड़ा चैलेंजिग हो सकता है।
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कंपनी को कुल 369.05 करोड़ रुपये के तीन ऑर्डर्स मिले हैं। बुल्स का कहना है कि NBCC की कंसॉलिडेटेड ऑर्डर बुक इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के अंत में 55,300 करोड़ रुपये से थोड़ा ज्यादा थी। इसमें से 21,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। बेयर्स की दलील है कि पिछले तीन महीनों में 115 फीसदी उछाल के बाद वैल्यूएशन बहुत बढ़ गई है। ऐसे में आगे तेजी की सीमित गुंजाइश दिखती है।
वेर्लिनवेस्ट एशिया पीटीई ने 19 फरवरी को Sula Vineyards में 8.34 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी। बुल्स का मानना है कि इस तिमाही से कंपनी के रेवेन्यू में रिकवरी आ सकती है। कंपनी के मैनेजमेंट ने इसके संकेत दिए हैं। पंजाब और उत्तर प्रदेश के टियर 2 शहरों में वाइन की खपत में उछाल दिखा है। उधर, बेयर्स की दलील है कि महाराष्ट्र में प्रतियोगिता बहुत ज्यादा है, जिसके चलते कंपनी एक खास वॉल्यूम की खरीदारी करने पर कुछ वॉल्यूम फ्री दे रही है। इससे इस वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में कंपनी की सेलिंग और डिस्ट्रिब्यूशन एक्सपेंसेज 25 फीसदी तक बढ़ जाने का अनुमान है।
दिसंबर तिमाही में अर्निंग्स कमजोर रहने के बावजूद पिछले 5 सत्रों में यह स्टॉक 3 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। 18 फरवरी को यह स्टॉक 1.84 फीसदी चढ़ा है। बुल्स का कहना है कि नए प्रोडक्ट्स लॉन्चेज को लेकर एनालिस्ट्स Crompton Greaves को लेकर पॉजिटिव हैं। कंपनी को स्ट्रॉन्ग ब्रांड रिकॉल और डिमांड बढ़ने का भी फायदा मिलेगा। उधर, बेयर्स की दलील है कि बटरफ्लाई गांधीमठी और लाइट सेगमेंट में चैलेंज बना हुआ है।