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क्रिस वुड ने इंडियन मार्केट्स के लिए इन 2 बड़ी मुश्किलों के बारे में बताया, कहा-यूएस टैरिफ का नहीं पड़ेगा ज्यादा असर

वुड ने कहा है कि Greed & Fear पोर्टफोलियो में पहले से इंडिया का काफी ज्यादा ऐलोकेशन रहता आया है। लेकिन, पिछले 15 सालों में इंडिया के प्रदर्शन में तेज गिरावट आई है। उन्होंने कहा है कि बीते 12 महीनों में MSCI Emerging Market Index के मुकाबले MSCI India का प्रदर्शन 24 पर्सेंटेज प्वाइंट्स कमजोर रहा है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Aug 18, 2025 पर 10:00 AM
क्रिस वुड ने इंडियन मार्केट्स के लिए इन 2 बड़ी मुश्किलों के बारे में बताया, कहा-यूएस टैरिफ का नहीं पड़ेगा ज्यादा असर
डोमेस्टिक फ्लो यानी घरेलू निवेश से इंडियन मार्केट्स को सपोर्ट मिल रहा है।

क्रिस्टोफर वुड ने अपनी नई रिपोर्ट में इंडिया के बारे में एक खास बात कही है। उन्होंने रिपोर्ट में लिखा है कि उन्होंने एशिया-पैसेफिक (जापान को छोड़) रिलेटिव रिटर्न पोर्टफोलियो में इंडिया पर मार्जिन ओवरवेट बनाए रखा है। वुड के इस रुख के कई मायनें हैं। जेफरीज में इक्विटी स्ट्रेटेजी के हेड वुड को स्टॉक मार्केट्स की गहरी समझ है। उनकी 'ग्रीड एंड फियर' रिपोर्ट दुनियाभर में काफी ज्यादा पसंद की जाती है। उन्होंने इंडिया के बारे में यह बात अपनी इसी रिपोर्ट में कही है।

बीते 15 सालों में इंडिया के प्रदर्शन में तेज गिरावट

Chrish Wood ने कहा है कि Greed & Fear पोर्टफोलियो में पहले से इंडिया का काफी ज्यादा ऐलोकेशन रहता आया है। लेकिन, पिछले 15 सालों में इंडिया के प्रदर्शन में तेज गिरावट आई है। जेफरी के इंडिया रिसर्च का हवाला देते हुए उन्होंने कहा है कि बीते 12 महीनों में MSCI Emerging Market Index के मुकाबले MSCI India का प्रदर्शन 24 पर्सेंटेज प्वाइंट्स कमजोर रहा है। अप्रैल के मध्य से यह 18 पर्सेंटेंज प्वाइंट्स कमजोर है। उन्होंने इसकी वजह इंडियन मार्केट्स की ज्यादा वैल्यूएशन और मार्केट में शेयरों की ज्यादा सप्लाई बताई है।

हाई वैल्यूएशन सबसे बड़ी प्रॉब्लम

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