IT sector : बाजार की नजर अब चौथी तिमाही के नतीजों पर है। नतीजों के मौसम की शुरुआत IT कंपनियों के नतीजों से ही होगी। इस बार ना सिर्फ चौथी तिमाही के नतीजों को बाजार बारीकी से देखेगा बल्कि आईटी सेक्टर के लिए वित्त वर्ष 2026 में क्या संभावनाएं हैं,इस पर भी बाजार की नजर होगी। इसी पर CLSA ने भी एक रिपोर्ट निकाली है। आइए देखते हैं इस रिपोर्ट में क्या है खास।
IT सेक्टर के लिए कैसा रहेगा Q4?
सेक्टर की अनिश्चितता अब इसके भाव में दिख रही है। शेयरों में अभी संभावित अर्निंग कट के ज्यादा कमजोरी है। चौथी तिमाही में निफ्टी के 1 फीसदी के मुकाबले निफ्टी IT 15 फीसदी नीचे है। बाजार को चौथी तिमाही से काफी कम उम्मीद है। डिस्क्रिशनरी डिमांड 1-2 तिमाही तक आगे बढ़ सकती है। CLSA ने वित्त वर्ष 2026 की कॉन्सटेंट करेंसी आय ग्रोथ अनुमान 3-4 फीसदी घटाई है। रुपये में कमजोरी के चलते वित्त वर्ष 2026 की EPS अनुमान में सिर्फ 1-3 फीसदी तक की सीमित कटौती की गई है। ब्रोकरेज का कहना है कि अनिश्चित माहौल में कम कॉस्ट वाली डील्स पर फोकस रहेगा।
CLSA ने HCLTECH की रेटिंग Hold से रेटिंग बढ़ाकर Outperform कर दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय ग्रोथ दिग्गज कंपनियों से ज्यादा रह सकती है। CLSA ने TCS, Wipro, Infosys, HCLTech और Tech Mahindra को आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है। CLSA ने LTIMINDTREE की रेटिंग Hold से बढ़ाकर Outperform कर दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के वैल्युएशन आकर्षक है। विप्रो पर अपनी राय देते हुए CLSA ने कहा है कि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में तिमाही आधार पर कंपनी की कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ ज़ीरो से माइनस 2 फीसदी के बीच रह सकती है। वहीं, Infosys की कॉन्सटेंट करेंसी आय में 2-5 फीसदी और EBIT मार्जिन में 20-22 फीसदी की बढ़त हो सकती है। इसी तरह HCLTech की कॉन्सटेंट करेंसी आय में 3-5 फीसदी और EBIT मार्जिन में 18-19फीसदी की बढ़त हो सकती है।
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