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Coal India के इस फैसले पर झूमे निवेशक, 7% उछलकर शेयर ने छू दी नई ऊंचाई

Coal India Share Price: कोल इंडिया ने एक ऐसा काम किया कि निवेशक चहक उठे और ताबड़तोड़ खरीदारी करने लगे। खरीदारी के इस जोरदार रुझान पर कोल इंडिया के शेयर आज रॉकेट की स्पीड से उछलकर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए। जानिए दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी कोयला कंपनी ने ऐसा क्या किया कि शेयर उछल पड़े?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 02, 2026 पर 4:03 PM
Coal India के इस फैसले पर झूमे निवेशक, 7% उछलकर शेयर ने छू दी नई ऊंचाई
Coal India का कहना है कि पड़ोसी देशों- बांग्लादेश, भूटान और नेपाल से जो खरीदार भारत से कोयला से मंगाना चाहते हैं, वह अब कोल इंडिया के सिंगल विंडो मोड एग्नॉस्टिक (SWMA) ऑक्शंस में सीधे हिस्सा ले सकते हैं।

Coal India Share Price: कोयला निकालने वाली दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी कोल इंडिया के शेयरों में आज जोरदार तेजी आई। इसकी वजह ये है कि कोल इंडिया ने बांग्लादेश, भूटान और नेपाल से भी खरीदारों को ई-नीलामी में प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लेने की मंजूरी दी है। इस मंजूरी पर कोल इंडिया के शेयर रॉकेट बन गए। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। आज बीएसई पर यह 6.88% की बढ़त के साथ ₹427.90 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 7.32% उछलकर ₹429.65 तक पहुंच गया था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

Coal India के फैसले से पहले और अब में क्या हुआ बदलाव?

कोल इंडिया ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि पड़ोसी देशों- बांग्लादेश, भूटान और नेपाल से जो खरीदार भारत से कोयला से मंगाना चाहते हैं, वह अब कोल इंडिया के सिंगल विंडो मोड एग्नॉस्टिक (SWMA) ऑक्शंस में सीधे हिस्सा ले सकते हैं। कंपनी का कहना है कि इसे लेकर बोर्ड ने हाल ही में इससे जुड़े जरूरी बदलावों को पहले ही मंजूरी दी थी। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कोयले की ई-नीलामी को विदेशी खरीदारों के लिए खोलने से पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और वैश्विक मार्केट इंटीग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा।

नया फ्रेमवर्क 1 जनवरी 2026 से लागू है। इस नए फ्रेमवर्क के तहत विदेशी खरीदार अब कोल इंडिया के कोयले की ऑनलाइन नीलामी में घरेलू खरीदारों के साथ हिस्सा ले सकेंगे। पहले विदेशी खरीदारों को उन घरेलू कोयला कारोबारियों के जरिए कोयला मिल पाता था, जिन्हें इसके इस्तेमाल को लेकर किसी प्रतिबंध के बिना ही कोयले को खरीदने-बेचने की मंजूरी थी।

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