दिग्गज आईटी कंपनी कोफोर्ज (Coforge) के शेयरों में आज जमकर खरीदारी का रुझान दिख रहा है। इसके शेयरों में यह खरीदारी एक ब्लॉक डील के चलते है। एक ब्लॉक डील के तहत इसके 7,329.3 करोड़ रुपये के 1.54 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ। इस डील के चलते इंट्रा-डे में आज बीएसई पर यह 10 फीसदी उछलकर 5403.85 रुपये पर पहुंच गया था। इसके बाद मुनाफावसूली के चलते भाव में थोड़ी सुस्ती आई। हालांकि दिन के आखिरी में भी यह 9.76 फीसदी की मजबूती के साथ 5390.90 रुपये के भाव (Coforge Share Price) पर बंद हुआ। इसका फुल मार्केट कैप 32,942.31 करोड़ रुपये है।
किस भाव पर हुई है ब्लॉक डील
ब्लॉक डील के लिए 4550 रुपये प्रति शेयर का भाव तय किया गया था जो 23 अगस्त के क्लोजिंग प्राइस 4,901.95 रुपये से करीब 7.4 फीसदी डिस्काउंट पर था। इस ब्लॉक डील के तहत शेयरों की खरीदारी-बिक्री किसने की, इसका तत्काल खुलासा तो नहीं हो पाया है। हालांकि सीएनबीसी-आवाज ने कुछ समय पहले सूत्रों के हवाले से जानकारी दी थी कि Hulst BV इस आईटी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। इसकी योजना अपनी पूरी की पूरी हिस्सेदारी बेचने की थी। इसकी कंपनी में करीब 26 फीसदी हिस्सेदारी थी।
इससे पहले मई में भी इसने खुले बाजारों में लेन-देन के जरिए 887 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे और करीब 3.5 फीसदी हिस्सेदारी घटाई थी। यह बिक्री 4,125.44 रुपये के औसत भाव पर हुई थी। इस साल फरवरी में भी इसने 9.8 फीसदी हिस्सेदारी घटाई थी। इस प्राइवेट इक्विटी फर्म ने कोफोर्ज में 2019 में हिस्सेदारी खरीदी थी और मार्च 2021 के आखिरी में इसकी 63.99 फीसदी हिस्सेदारी थी। इसके बाद धीरे-धीरे हिस्सेदारी घटाने के बाद जून तिमाही के आखिरी में इसकी हिस्सेदारी घटकर 26.63 फीसदी पर आ गई।
Coforge ने लॉन्च किया नया एआई प्लेटफॉर्म
शेयरों की ब्लॉक डील के अलावा एक और अहम बात कोफोर्ज के साथ एक और अहम बात आज ये हुई है कि कंपनी ने नए एआई प्लेटफॉर्म Quasar लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसका काम कंपनियों के एआई की क्षमता को डिजाइन करने का है। इसमें 100 से अधिक APIs (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) लोड किया हुआ है जो फटाफट इंटीग्रेशन के लिए उपलब्ध है। एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक इससे कंपनियों को आउट-ऑफ-द-बॉक्स यानी कि कुछ नया सोचने में मदद मिलेगी।