Coforge Shares: टेक सर्विसेज मुहैया कराने वाली कोफोर्ज के शेयरों में अगले वित्त वर्ष 2027 के पहले कारोबारी दिन 1 अप्रैल को तेज हलचल दिख सकती है। इसकी वजह ये है कि केंद्रीय बैंक RBI ने इसे देश के बाहर $100 करोड़ के प्रत्यक्ष निवेश की मंजूरी दी है। इससे एनकोरा (Encora) के अधिग्रहण को लेकर एक और पड़ाव पूरा हुआ। आरबीआई ने यह मंजूरी देश के फॉरेन एक्सचेंज रूल्स के तहत दी है। यह एनकोरा और इससे जुड़ी एंटिटीज के साथ चल रहे इस सौदे में एक बड़ा माइलस्टोन है। अब इस का असर कोफोर्ज के शेयरों पर दिख सकता है जो पिछले वित्त वर्ष के आखिरी कारोबारी दिन 30 मार्च को ढहते मार्केट में 2.61% की गिरावट के साथ ₹1114.65 (Coforge Share Price) पर बंद हुआ था।
Coforge के लिए कितना अहम है Encora की डील?
कोफोर्ज के सीईओ और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुधीर सिह ने पहले कहा था कि कोफोर्ज और एनकोरा के विलय के बाद जो करीब $200 करोड़ का डेटा, क्लाउड और एआई वाला इंजीनियरिंग का मजबूत आधार तैयार होगा, उससे अगले कुछ वर्षों तक बेहतर परफॉर्म करने का रास्ता मजबूत होगा। दिसंबर 2025 में कोफोर्ज ने एआई एल्टियस पेरेंट (केमैन) लिमिटेड और एनकोरा होल्डको लिमिटेड समेत एनकोरा ग्रुप की एंटिटीज और निवेशकों के साथ शेयर सब्सक्रिप्शन और शेयर पर्चेज एग्रीमेंट किया था। हालांकि अभी इस पर कई नियामकीय मंजूरी लेनी बाकी है तो कुछ मिल चुके हैं। कंपनी के कारोबारी सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसबर 2025 में कंपनी का अमेरिकी डॉलर में रेवेन्यू तिमाही आधार पर 3.5% उछलकर $47.82 करोड़ तो रुपये के टर्म में इस दौरान 5.1% बढ़कर ₹4,188 करोड़ पर पहुंच गया।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?
कोफोर्ज के शेयरों ने निवेशकों को करारा झटका दिया है। पिछले साल 8 जुलाई 2025 को बीएसई पर यह ₹1994.00 पर था जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई है। हालांकि शेयरों की तेजी यहीं थम गई और इस हाई से 8 ही महीने में यह 49.42% टूटकर ₹1008.50 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।