Cognizant Q1 results:आईटी सर्विस कंपनी कॉग्निजेंट (Cognizant) ने जनवरी-मार्च 2023 तिमाही (पहली तिमाही) के नतीजे जारी करते हुए बताया है कि इस अवधि में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 3 फीसदी की बढ़त के साथ 58 करोड़ डॉलर पर रहा है। हालांकि इस अवधि में कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 0.3 फीसदी की गिरावट आई है और ये 4.8 अरब डॉलर रही है।इसके अलावा कॉग्निजेंट का मार्जिन वर्तमान में 14.06 फीसदी पर पहुंच गया है, जो टेक महिंद्रा के बराबर है। यह आईटी उद्योग में सबसे कम है। बताते चलें कि कॉग्निजेंट जनवरी-दिसंबर वित्त वर्ष का पालन करती है। कंपनी 2023 में शेयर बॉयबैक और डिवीडेंट के जरिए शेयरधारकों को लगभग 1.4 अरब डॉलर लौटा सकती है।
कॉग्निजेंट ने बताया है कि मार्च तिमाही में उसके कुल कर्मचारियों की संख्या 351500 थी। जबकि वित्त वर्ष 2022 की इसी तिमाही के दौरान 3800 कर्मचारियों की कमी देखने को मिली थी। वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में कंपनी की वॉलंटरी एट्रिशन रेट गिर कर 23 फीसदी पर आ गई है। यही रेट वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में 30 फीसदी थी।
नेक्स्टजेन प्रोग्राम से करीब 3,500 कर्मचारी होंगे प्रभावित
कंपनी को उम्मीद है कि नेक्स्टजेन प्रोग्राम से करीब 3,500 कर्मचारी प्रभावित होंगे। कंपनी अपने ऑपरेशनल मॉडल और कॉर्पोरेट गतिविधियों को कारगर बनाने के लिए वित्त वर्ष 2023 की अगली तिमाही में अपना नेक्स्टजेन प्रोग्राम शुरू करेगी। यूएस मार्केट में लिस्टेड आईटी सर्विस कंपनी कॉग्निजेंट का कारोबार मुख्य रूप से भारत में है। कंपनी लागत बचाने के लिए अपने 3,500 कर्मचारियों की छंटनी करेगी और ऑफिस की जगह भी खाली करने की तैयारी कर रही है। बता दें कि कॉग्निजेंट अमेरिका में स्थित है, लेकिन भारत में इसके संचालन का एक बड़ा हिस्सा है। कॉग्निजेंट एकमात्र टेक कंपनी नहीं है जिसने हाल ही में छंटनी की घोषणा की है। विप्रो, अमेजन, एक्सेंचर, इंफोसिस, आईबीएम, गूगल, मेटा और ट्विटर जैसी कंपनियों ने भी पिछले कुछ महीनों में छंटनी की है।
कॉग्निजेंट ने दूसरी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष 2023 का गाइडेंस जारी करते हुए कहा है कि दूरी तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू 4.83 - 4.88 अरब डॉलर रह सकती है। इसके साथ ही कंपनी को वित्त वर्ष 2023 में सालाना आधार पर अपने रेवेन्यू में 1.2 फीसदी की गिरावट की उम्मीद है। वहीं पूरे वित्त वर्ष 2023 कंपनी की एडजस्टेड ऑपरेटिंग मार्जिन 14.2 फीसदी से 14.7 फीसदी की रेंज में रहने की उम्मीद है।