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माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर CRISIL की रिपोर्ट, लगाएंगी बड़ी छलांग

क्रिसिल की ताजा रिपोर्ट कहती है कि NBFCs और माइक्रो फाइनेंस कंपनियां चालू वित्तीय साल में भी सुपरस्टार परफॉर्मेंस देंगी। माइक्रो फाइनेंस के लिए स्थितियां अनुकूल नजर आ रही हैं। वित्त वर्ष 2024 में NBFCs और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की एसेट क्वालिटी और मुनाफे में सुधार होगा। आगे माइक्रो फाइनेंस की क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत होगी और कंपनियों की तरफ से लोन देने की रफ्तार बढ़ेगी

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jun 09, 2023 पर 3:22 PM
माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर CRISIL की रिपोर्ट, लगाएंगी बड़ी छलांग
माइक्रो फाइनेंस कंपनियों कम लागत से भी बूस्ट मिल रहा है। वित्त वर्ष 2020-22 में इनकी कर्ज लागत 4-5 फीसदी पर थी जो वित्त वर्ष 2023 के 9 महीनों में 3-3.5 फीसदी पर रही।

भारतीय शेयर बाजार नया शिखर छूने को तैयार है। मिडकैप-स्मॉलकैप इंडेक्स तो रिकॉर्ड हाई पर पहुंच चुके हैं। ऑटो, बैंक और FMCG इंडेक्स भी नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। अगर गौर से देखें तो चौथी तिमाही में सबसे शानदार नतीजे बैंकिंग और फाइनेंस कंपनियों ने दिए हैं। कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं की क्या यह शानदार सफर आगे भी जारी रहेगा? इसका जवाब शायद CRISIL के पास है। क्रिसिल की ताजा रिपोर्ट कहती है कि NBFCs और माइक्रो फाइनेंस कंपनियां चालू वित्तीय साल में भी सुपरस्टार परफॉर्मेंस देंगी। NBFCs और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों में CRISIL ने ऐसा क्या देखा है,आज इसी पर Crisil के सीनियर डायरेक्टर और चीफ रेटिंग ऑफिसर कृष्णन सीतारमण ने सीएनबीसी-आवाज़ के साथ एक लंबी बातचीत की है। यहां हम इसी बातचीत का संपादित अंश दे रहे हैं।

माइक्रो फाइनेंस: ऑल इज वेल

इस बातचीत में कृष्णन सीतारमण ने कहा कि माइक्रो फाइनेंस के लिए स्थितियां अनुकूल नजर आ रही हैं। वित्त वर्ष 2024 में NBFCs और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की एसेट क्वालिटी और मुनाफे में सुधार होगा। आगे माइक्रो फाइनेंस की क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत होगी और कंपनियों की तरफ से लोन देने की रफ्तार बढ़ेगी। इन कंपनियों को रिस्क बेस्ड लोन प्राइसिंग से मुनाफे में सपोर्ट मिलेगा। क्रेडिट अंडरराइटिंग में सुधार से भी इनको फायदा होगा। आगे इन कंपनियों की मार्जिन सुधरेगी और इनकी लागत में कमी आएगी।

माइक्रो फाइनेंस को कम लागत से मिलेगा बूस्ट

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