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Daily Voice : मौजूदा स्तरों पर स्मॉल और मिडकैप शेयरों से रहे सावधान, दूसरी तिमाही में पांच सेक्टर्स का प्रदर्शन रहेगा शानदार

Daily Voice : एक्सिस सिक्योरिटीज पीएमएस के दिग्गज पोर्टफोलियो मैनेजर निशित मास्टर को डिफेंस सेक्टर के शेयर पसंद है और उनका मानना है कि यह सेक्टर भारत के संरचनात्मक विकास की कहानी का अहम हिस्सा है। उनको फार्मा, कैपिटल गुड्स, इंडस्ट्रियल, ऑटो/ऑटो एंसिलरी कंपनियों, बैंक और एनबीएफसी कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजों में मजबूती दिखने की उम्मीद है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 18, 2023 पर 12:21 PM
Daily Voice : मौजूदा स्तरों पर स्मॉल और मिडकैप शेयरों से रहे सावधान, दूसरी तिमाही में पांच सेक्टर्स का प्रदर्शन रहेगा शानदार
Daily Voice : निशित का मानना है कि आरबीआई अक्टूबर की नीति बैठक में नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में हालिया बढ़त चिंता का विषय है। ब्रेंट 90 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है

Daily Voice : एक्सिस सिक्योरिटीज पीएमएस के पोर्टफोलियो मैनेजर निशित मास्टर ने मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में कहा है कि आगे की बेहतर ग्रोथ संभावनाओं के कारण भारत का बाजार दुनियां के सबसे महंगे बाजारों में से एक बना हुआ है। उनका मानना है कि भारतीय बाजार के मौजूदा मल्टिपल लॉन्ग टर्म एवरेज से ज्यादा हैं, फिर भी हमारे बाजारों में बुलाबुला बनने जैसी स्थिति नहीं है। उनका ये भी कहना है कि बाजार में फिलहाल स्मॉल और मिडकैप सेक्टर में झाग बनने या अस्वाभाविक तेजी जैसी स्थिति है। पोर्टफोलियो प्रबंधन का 16 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले निशित मास्टर का कहना है कि उनको फार्मा, कैपिटल गुड्स, इंडस्ट्रियल, ऑटो/ऑटो एंसिलरी कंपनियों, बैंक और एनबीएफसी कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजों में मजबूती दिखने की उम्मीद है।

बाजार में बुलाबुला बनने जैसी स्थिति नहीं

बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए निशित मास्टर ने कहा कि बेहतर ग्रोथ आउटलुक के चलते दूसरी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत के बाजार महंगे दिख रहे हैं। भारतीय बाजार वर्तमान में अन्य उभरते बाजारों (इमर्जिंग मार्केट) की तुलना में लगभग 75 फीसदी प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है, जबकि इसका लॉन्ग टर्म एवरेज प्रीमियम 40 फीसदी है। अगर हम एक साल आगे के नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने एक साल के आगे की कमाई के 20 गुना पर कारोबार कर रहा है, जबकि इसका लॉन्ग टर्म औसत 18 गुना है। हालांकि भारतीय बाजार के मौजूदा मल्टिपल लॉन्ग टर्म एवरेज से ज्यादा हैं, फिर भी हमारे बाजारों में बुलाबुला बनने जैसी स्थिति नहीं है।

मौजूदा स्तरों पर स्मॉल और मिडकैप शेयरों से रहें सावधान

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