Daily Voice: हमें लगता है कि वित्त वर्ष 2023 की मार्च तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहेंगे। लेकिन अगली कुछ तिमाहियों में हमें सीमेंट, केमिकल्स और इंफ्रा जैसे कुछ सेक्टरों के प्रदर्शन में सुधार होता दिखेगा। ये बातें अरुण कैपिटल के जितेन परमार ने मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में कही हैं। उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही में कैपिटल गुड्स, बैंकिंग, फाइनेंस कंपनियों का प्रदर्शन पहले की तरह बेहतर रह सकता है। वहीं आईटी सेक्टर की ग्रोथ में सुस्ती देखने को मिल सकती है।
6-7 फीसदी रह सकती है जीडीपी ग्रोथ
कैपिटल और इक्विटी मार्केट का दो दशकों के से ज्यादा का अनुभव रखने वाले जितेंद्र परमार का कहना है कि वित्त वर्ष 2024 में देश की जीडीपी ग्रोथ 6-7 फीसदी रह सकती है। जीएसटी के आंकड़े मजबूत हैं। देश में पावर की मांग भी अच्छी है। NHAI का टोल कलेक्शन भी मजबूत स्तरों पर है। ऐसे में लगता है कि देश की इकोनॉमी आगे उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करती दिखेगी।
क्या अप्रैल की पॉलिसी मीट में ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर कोई विराम की संभावना दिखती है?
इस सवाल का जवाब देते हुए जितेंद्र ने कहा कि इस समय मुझे अप्रैल की पॉलिसी के बारे में कुछ नहीं पता। लेकिन मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि यूएस फेड को जल्द ही ब्याज दरों की बढ़ोतरी पर लगाम लगानी होगी। हम दरों में बढ़ोतरी के चक्र के शिखर पर पहुंच चुके हैं। बाजार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस समय हमें ऐसे स्टॉक तलाशने की कोशिश करना चाहिए जो हालिया करेक्शन के बाद अच्छे वैल्यूएशन पर मिल रहे हैं और जिनमें सभी टाइम फ्रेम पर ग्रोथ की संभावना देखने को मिल रही है।
कैपिटल गुड्स, बैंकिंग और फाइनेंस लग रहे अच्छे
किन सेक्टरों पर करें निवेश, इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कैपिटल गुड्स, बैंकिंग और फाइनेंस, इंफ्रा, सीमेंट पेपर राइस ऑटो और ऑटो इंसेलरी, केमिकल और टेलीकॉम में निवेश के मौके नजर आ रहे हैं। हालांकि इनमें से कुछ सेक्टर में अस्थाई चुनौतियां है। लेकिन लॉन्ग टर्म में इनका प्रदर्शन बहुत अच्छा रहेगा।
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