Daily Voice: अगर ये 5 घटनाएं हुईं तो फिर जून के निचले स्तर पर आ जाएगा बाजार, जानिए किसने दी ये चेतावनी

यूएस फेड ने सितंबर में ब्याज दर में 75 बीपीएस की बढ़ोतरी के साथ आगे भी ऐसा करने की बात कही है। ऐसे संकेत हैं कि 2022 के अंत तक ब्याज दर 4.40 फीसदी हो सकती है

अपडेटेड Oct 04, 2022 पर 12:01 AM
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Mirae Asset के मनीष जैन ने कहा कि एक्सपोर्ट्स एक ऐसा एरिया है, जिसमें वित्त वर्ष 22 के ऊंचे बेस और वैश्विक मुद्दों के चलते सुस्ती रह सकती है

Manish Jain of Mirae Asset :  मिराए एसेट्स कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) के मनीष जैन ने कहा कि फेस्टिव सीजन में विशेष रूप से पैसेंजर व्हीकल्स की अच्छी बिक्री की उम्मीद, मजबूत ऑर्डर बुक बैकलॉग के चलते ऑटो सेक्टर के लिए डिमांड आउटलुक अच्छा बना हुआ है। जैन ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही।

लगभग दो दशक का अनुभव रखने वाले Mirae Asset के इंस्टीट्यूशनल बिजनेस हेड (इक्विटी और फिक्स्ड इनकम) ऑटो सेक्टर के लिए डबल डिजिट ग्रोथ का भरोसा जताया, क्योंकि कई बातें इंडस्ट्री के अनुकूल नजर आ रही हैं। हालांकि, एक्सपोर्ट्स एक ऐसा एरिया है, जिसमें वित्त वर्ष 22 के ऊंचे बेस और वैश्विक मुद्दों के चलते सुस्ती रह सकती है।

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जैन ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य को देखें तो जून के निचले स्तरों पर फिर से पहुंचने के लिए, डॉलर-रुपय पर दबाव, यूएस बॉन्ड यील्ड्स में लगातार मजबूती और तेल कीमतों में उछाल सहित पांच बातें होनी जरूरी हैं।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रख सकता है यूएस फेड

महंगाई को काबू में करने के लिए, यूएस फेड के सख्त रुख से जुड़े सवाल पर जैन ने कहा कि जरूरत होने पर दरों में बढ़ोतरी जारी रहेगी। यूएस फेड ने सितंबर में ब्याज दर में 75 बीपीएस की बढ़ोतरी के साथ आगे भी ऐसा करने की बात कही है। ऐसे संकेत हैं कि 2022 के अंत तक ब्याज दर 4.40 फीसदी हो सकती है।

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ये 5 बातें बाजार पर पड़ेंगी भारी

ग्लोबल मार्केट विशेषकर अमेरिका में गिरावट के चलते भारतीय बेंचमार्क के जून के निचले स्तरों पर पहुंचने की आशंका पर जैन ने कहा कि अगर 5 बातें होती हैं तो ऐसा जरूर हो सकता है। ये इस प्रकार हैं…

-ट्रेड डेफिसिट 28-30 अरब प्रति महीने के स्तर पर बना रहे।

-अमेरिकी डॉलर-रुपये पर दबाव रहे और रुपया 85 के स्तर पर जाकर उसी स्तर पर बना रहे।

-अमेरिका और भारत के 10 साल के सरकारी बॉन्ड्स की यील्ड्स का अंतर ऐतिहासिक निचले स्तरों पर पहुंच गया है, ऐसे में यूएस ट्रेजरी यील्ड्स बढ़ती रहे।

-क्रूड ऑयल नई ऊंचाई की तरफ बढ़ता रहे।

-वैल्यूएशन की तुलना में अर्निंग्स बेहतर न रहें।

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