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Daily Voice : 2024 में 10-15% रिटर्न मिलने की उम्मीद नहीं, कम जोखिम के चलते लार्जकैप शेयर लग रहे अच्छे

Daily Voice : भारतीय इक्विटी बाजार का 18 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले वरुण लोहचब दो थीम्स को लेकर बुलिश हैं। ये हैं निवेश आधारित ग्रोथ और घरेलू बचत का होने वाला निवेश। वरुण का मानना है कि भारत की जीडीपी दूसरे उभरते बाजार वाले देशों में सबसे तेजी से बढ़ती दिख रही है। दूसरी और विकसित बाजारों के 2024 में बहुत धीमी दर से बढ़ने की उम्मीद है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 04, 2023 पर 5:52 PM
Daily Voice : 2024 में 10-15% रिटर्न मिलने की उम्मीद नहीं, कम जोखिम के चलते लार्जकैप शेयर लग रहे अच्छे
Daily Voice : फार्मा सेक्टर पर बात करते हुए वरुण ने कहा कि वे यूएस जेनेरिक फार्मा सेक्टर को लेकर पॉजिटिव हैं। दवा पेटेंट की एक्सपायरी और हेल्थ केयर लागत को कम करने की जरूरत के कारण दुनिया भर में जेनेरिक दवाओं की मांग बढ़ रही है

Daily Voice : चालू कैलेंडर ईयर 2023 में बाजार में अब तक 12 फीसदी की बढ़त हुई है। लेकिन, साल 2024 में सूचकांक के 10-15 फीसदी रिटर्न देने की संभावना नहीं दिख रही है। इस समय लार्ज कैप शेयर मिडकैप की तुलना में बेहतर रिस्क एडजस्टेड रिटर्न दे रहे हैं क्योंकि मिडकैप अपनी आय में हुई ग्रोथ की तुलना कही ज्यादा तेजी दिखा चुके हैं। लार्ज-कैप शेयरों में मौजूदा स्तर से 5-10 फीसदी की तेजी आ सकती है। ये बातें एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरुण लोहचब ने मनीकंट्रोल के साथ एक साक्षात्कार में कही हैं।

भारतीय इक्विटी बाजार का 18 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले वरुण लोहचब दो थीम्स को लेकर बुलिश हैं। ये हैं निवेश आधारित ग्रोथ और घरेलू बचत का होने वाला निवेश। वरुण का मानना है कि भारत की जीडीपी दूसरे उभरते बाजार वाले देशों में सबसे तेजी से बढ़ती दिख रही है। दूसरी और विकसित बाजारों के 2024 में बहुत धीमी दर से बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में भारत विदेशी निवेशकों के लिए पसंदीदा निवेश डेस्टीमेशन बन कर उभर सकता है। इसके अलावा, बढ़ती घरेलू बचत को देखते हुए लगता है घरेलू बाजार में एसआईपी के जरिए होने वाले निवेश में तेजी बनी रहेगी। ये कारक भारतीय इक्विटी बाजारों को सपोर्ट करेंगे।

जेनेरिक फार्मा सेक्टर को लेकर पॉजिटिव

फार्मा सेक्टर पर बात करते हुए वरुण ने कहा कि वे यूएस जेनेरिक फार्मा सेक्टर को लेकर पॉजिटिव हैं। दवा पेटेंट की एक्सपायरी और हेल्थ केयर लागत को कम करने की जरूरत के कारण दुनिया भर में जेनेरिक दवाओं की मांग बढ़ रही है। अमेरिका की वर्तमान स्थिति पेटेंट एक्सपायरी के कारण जेनेरिक बाजार में उत्पाद बढ़ने का संकेत दे रही है, जिससे कई भारतीय फार्मा कंपनियों को लाभ हो सकता है।

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