Get App

DCC की बैठक में आज कैपिटव यूजर्स के लिए स्पेक्ट्रम चार्ज बढ़ाने पर हो सकता है फैसला

सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने कहा कि ONGC, GAIL, RailTel जैसी कई सरकारी कंपनियां है जो कैपटिव स्पेक्ट्रम का उपयोग करती हैं। इसके बदले में वे सरकार को शुल्क देती हैं। आखिरी बार साल 2012 में इसके रेट को रिवाइज किया गया था। उसके बाद इसमें संशोधन नहीं किया गया है।CAG ने भी इसको रिवाइज करने के प्रति दूरसंचार विभाग के रवैये पर आपत्ति जताई थी

Aseem Manchandaअपडेटेड Feb 13, 2023 पर 1:49 PM
DCC की बैठक में आज कैपिटव यूजर्स के लिए स्पेक्ट्रम चार्ज बढ़ाने पर हो सकता है फैसला
DCC की आज होने वाली बैठक में वॉकी-टॉकी सेवाओं का रास्ता भी साफ हो जायेगा। वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल माइनिंग, गैस इंडस्ट्री और रेलवे में होता है

डिजिटल कम्यूनिकेशन कमीशन (digital communication commission(DCC) की आज अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में कैपिटव यूजर्स के लिए स्पेक्ट्रम चार्ज के संबंध में चर्चा हो सकती है और इस पर निर्णय लिया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो आज होने वाली DCC की मीटिंग में कैपिटव यूजर्स के लिए स्पेक्ट्रम चार्ज बढ़ाने पर फैसला आ सकता है। इसके साथ ही सरकारी कंपनियों के लिए कैपटिव स्पेक्ट्रम यूजेस चार्ज में बढ़ोतरी भी मुमकिन है। सरकार ने 2012 से इस पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं किया है। लेकिन आज की बैठक में इसमें बदलाव होने की संभावना है। देश की दिग्गज कंपनियां ONGC, GAIL, RailTel आदि कैपटिव स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करती हैं।

इस खबर पर ज्यादा डिटेल बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने कहा कि बहुत सारी सरकारी कंपनियां है जो कैपटिव स्पेक्ट्रम का उपयोग करती हैं। इसके बदले में वे सरकार को चार्ज देती हैं। इसके रेट को आखिरी बार साल 2012 में रिवाइज किया गया था। उसके बाद इसे रिवाइज नहीं किया गया है। इसको रिवाइज करने के लिए CAG ने भी दूरसंचार विभाग के रवैये पर आपत्ति जताई थी।

CAG ने कहा था कि इस पर लीगल ओपिनियन आ गया है। जिसमें कहा गया है स्पेक्ट्रम चार्ज को बढ़ाना चाहिए। इसके बाद भी दूरसंचार विभाग इसे रिवाइज करने में कोताही क्यों कर रहा है। लिहाजा माना जा रहा है कि आज की बैठक में कैपटिव स्पेक्ट्रम यूजेस चार्ज में बढ़ोतरी हो सकती है। आज 3 बजे डिजिटल कम्यूनिकेशन कमीशन की बैठक में इस पर फैसला आ सकता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें