Demat Accounts Openings: शेयरों की तेजी से बड़ी संख्या में नए निवेशक मार्केट की तरफ आ रहे हैं। इसका खुलासा डीमैट अकाउंट्स के आंकड़ों से हुआ है। पिछले महीने मई में 21 लाख नए डीमैट खाते खुले जो इस साल का रिकॉर्ड मंथली डेटा है। एनएसडीएल और सीडीएसएल के आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले तीन महीनों में दो लाख से कम डीमैट खाते खुले थे। अप्रैल में 16 लाख खाते खुले थे जो दिसंबर 2020 के बाद सबसे निचला स्तर था। अब डीमैट खातों की ओवरऑल संख्या करीब 1.18 करोड़ पहुंच गई है।
एनालिस्ट्स के मुताबिक डीमैट अकाउंट ओपनिंग में यह उछाल स्टॉक मार्केट में खुदरा निवेशकों की नए सिरे से भागीदारी को जाता है। ये निवेशक पिछले दो महीने में शेयरों के आकर्षक रिटर्न के चलते प्रोत्साहित हुए। एनालिस्ट्स के मुताबिक ऐतिहासिक तौर पर भी आंकड़ों से पुष्टि होती है कि अगर आईपीओ और लिस्टेड शेयरों का प्रदर्शन बेहतर होता है तो इसका असर डीमैट खाता खुलवाने पर भी दिखता है।
वैश्विक कारणों से इस साल शुरुआती महीनों में भारतीय मार्केट को झटका लगा। हालांकि इसके बाद मार्केट में पॉजिटिव रुझान लौटा। अप्रैल में भारतीय स्टॉक मार्केट ने वैश्विक मार्केट की तुलना में 4 फीसदी अधिक बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार की यह तेजी अगले महीने मई में भी जारी रही। मई में भारतीय स्टॉक मार्केट ने वैश्विक मार्केट की तुलना में 3 फीसदी अधिक बेहतर प्रदर्शन किया। इसके अलावा एनालिस्ट्स का मानना है कि आरबीआई ने ब्याज दरों को लेकर जो रुझान अपनाया, उससे भी बाजार को सपोर्ट मिला।
शेयरों ने कैसे सपोर्ट किया सेंटिमेंट को
एसएमई आईपीओ में बढ़ती गतिविधियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी से निवेशकों के सेंटिमेंट को सपोर्ट मिला। मैनकाइंड फार्मा आईपीओ के बेहतर प्रदर्शन ने निवेशकों को भरोसा दिया है जिससे बाजार में उनके रिटर्न को और बढ़ावा मिला। एनालिस्ट्स का मानना है कि मीडियम से लॉन्ग टर्म में यह रुझान अभी जारी रह सकता है। मेहता इक्विटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) प्रशांत तापसे ने पिछले दो महीनों में स्थिर ब्याज दरों, कम मुद्रास्फीति, वैश्विक स्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते मिड-कैप शेयरों ने अच्छा रिटर्न दिया। वहीं तापसे आगे भी आईपीओ मार्केट में हलचल की उम्मीद देख रहे हैं।