Diwali 2022: इस दिवाली से लेकर अगली दिवाली तक शेयरों से लक्ष्मी बटोरना चाहते हैं तो जानें बसंत माहेश्वरी की सलाह

मिडकैप स्पेस पर बात करते हुए बसंत माहेश्वरी ने कहा कि मिडकैप IT में रिस्क है लेकिन बेहतर रिटर्न भी संभव है। डॉलर की मजबूती से मिडकैप IT में फायदा मिलेगा

अपडेटेड Oct 13, 2022 पर 9:55 PM
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ऑटो में निवेश के लिए 5-10 साल का नजरिया रखना जरूरी है। प्रीमियम सेगमेंट में EV का दबदबा बढ़ेगा।

दिवाली से दिवाली तक समृद्धि के मंत्र सीरीज के अपने इस प्रोग्राम में हम बात कर रहें है मार्केट गुरु बसंत माहेश्वरी से। उनसे आज हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि इस दिवाली पर मोटी कमाई की कुंजी कहां है और इस दिवाली से अगली दिवाली तक कहां पैसा बनेगा। लेकिन इस बातचीत को आगे बढ़ाने से पहले आइए हम देखते है कि पिछली दिवाली से अब तक बाजार की चाल कैसी रही है। पिछली दिवाली से 12 अक्टूबर तक निफ्टी में 5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली हैं। वहीं निफ्टी बैंक 2 फीसदी टूटा है।

इसी तरह निफ्टी के गेनरों पर नजर डालें तो Adani Ent ने अब तक 113 फीसदी, ITC ने 45 फीसदी, Coal India ने 44 फीसदी, M&M ने 43 फीसदी और Eicher ने 27 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं मिडकैप के गेनरों पर नजर डालें तो HAL ने अब तक 78 फीसदी, IND Hotel ने 60 फीसदी, BEL ने 52 फीसदी, TVS Motने 51 फीसदी और Escorts ने 30 फीसदी का रिटर्न दिया है।

इसी तरह निफ्टी के टॉप लूजर पर नजर डालें तो Wipro ने अब तक 38 फीसदी, टेक महिंद्रा ने 33 फीसदी, डिविश लैब्स ने 32 फीसदी, टाटा स्टील ने 24 फीसदी, एचडीएफसी ने 21 फीसदी और टाटा मोटर्स ने 20 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं मिडकैप के लूजरों पर नजर डालें तो Motherson Sumi में 53 फीसदी , Godrej Prop में 52 फीसदी, Manapuram में 51 फीसदी, FSL में 49 फीसदी औऱ Metropolis में 49 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है।


बाजार के आगे के आउटलुक पर बात करते हुए बसंत माहेश्वरी ने कहा कि बाजार पहले जैसा नहीं रहा है। -खबरों के चलते बाजार में अब तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। क्रूड की चाल पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि क्रूड की गिरावट से भारतीय बाजार को सपोर्ट मिला रहा है। 130 डॉलर वाला क्रूड अब 90 डॉलर के पास नजर आ रहा है। क्रूड 65 डॉलर से 75 डॉलर की रेंज में आता है तो परेशान ना हो। यह बाजार के लिए अच्छा है। मौजूदा समय में घरेलू लिक्विडिटी ने भी बाजार को संभाला है। उन्होंने आगे कहा कि खपत के अच्छे ट्रेंड से GDP को सपोर्ट मिला है। कभी भी GDP ग्रोथ 4 फीसदी से नीचे नहीं जा सकती है। 8 फीसदी GDP ग्रोथ के लिए परफेक्ट सेटअप चाहिए।

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इस बातचीत में बसंत माहेश्वरी ने आगे कहा कि वेल्थ बनाना पहले की तुलना में मुश्किल है। शेयर में पहले की तुलना में अब उतार-चढ़ाव ज्यादा है। छोटी अवधि में बाजार ड्राइवरलेस कार की तरह है। मौजूदा समय में बाजार में बिना रिस्क लिए वेल्थ क्रिएशन नहीं हो सकता। वेल्थ बनाने के लिए रिस्क लेना होता है। रिस्क और टेंशन के बगैर अमीर बनना मुश्किल है ।

उन्होंने आगे कहा कि उतार-चढ़ाव भरे बाजार में रिस्क लेना आसान नहीं है। 20 साल पहले अच्छा शेयर लिया तो पैसा बन जाता था लेकिन अब पहले जैसा शेयर में पोजीशन लेना मुमकिन नहीं है। आजकल शेयर में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलती है क्योंकि पहले के मुकाबले सूचनाएं अब बाजार में तेजी से मिलती हैं जिससे कंपिटीशन भी बढ़ा है।

कहां और किन सेक्टरों में बन सकता है पैसा

बाजार में पैसा बनाने का मूलमंत्र समझाते हुए उन्होंने कहा कि इस बाजार में छोटी अवधि में पैसा बनाना मुश्किल है। मौजूदा समय में बाजार में मोटा पैसा लगाकर ही लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन संभव है। उन्होने अपनी इस बातचीत में कहा कि नई टेक कंपनियों में ज्यादा पैसा बनने की उम्मीद है। नैस्डैक कंपनियों में 20-40 गुना तक रिटर्न मुमकिन है जबकि देसी टेक कंपनियों में ज्यादा रिटर्न संभव नहीं है। वहीं निवेश के लिए लिहाज से फार्मा में भी अच्छा पैसा बन सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत में फैशन रिटेलिंग स्पेस आकर्षक बना हुआ है। करेक्शन में फैशन रिटेलिंग स्पेस निवेश के लिहाज से बेहतर नजर आ रहे है। लिहाजा कंज्यूमर स्पेस में पैसा बन सकता है। वहीं लंबी अवधि में कंज्यूमर और बैंकिंग सेक्टर्स में भी पैसे बनाए जा सकते है। क्योंकि बड़े रिटर्न की जगह बड़ा पैसा लगाना ज्यादा बेहतर आइडिया है।

निवेशक कहां करें निवेश? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ग्रोथ कंपनियों में बड़े निवेश से वेल्थ क्रिएशन बनेगा। कैलकुलेटेड रिस्क लेने पर ही पैसा बनता है।

ऑटो सेक्टर पर बात करते हुए बसंत माहश्वेरी ने कहा कि ऑटो में निवेश के लिए 5-10 साल का नजरिया रखना जरूरी है। प्रीमियम सेगमेंट में EV का दबदबा बढ़ेगा। वहीं सीमेंट सेक्टर पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि सीमेंट सेक्टर का खराब दौर खत्म हुआ। दिसंबर में सीमेंट कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे। स्टेटस सिंबल के चलते सस्ती चीजें कम बिकती हैं।

बसंत माहेश्वरी ने आगे कहा कि प्राइसिंग पावर और कमोडिटी इनपुट वाली कंपनी उन्हें पसंद है। उनका कहना है कि कमोडिटी इनपुट वाली कंपनियों में रिटर्न मुमकिन है। कमोडिटी के दाम घटे, लेकिन प्रोडक्ट कीमतें स्थिर है। मिडकैप स्पेस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मिडकैप IT में रिस्क है लेकिन बेहतर रिटर्न भी संभव है। डॉलर की मजबूती से मिडकैप IT में फायदा मिलेगा।

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