मार्केट गुरु सीरीज में आज सीएनबीसी-आवाज़ के मेहमान हैं व्हाइट ओक (White Oak Group) के फाउंडर प्रशांत खेमका। इनके पास फंड मैनेज करने का काफी लंबा अनुभव रहा है। पूरा बाजार प्रशांत खेमका को बड़े गौर से सुनता है। प्रशांत जी गोल्डमैन सैक्स के CIO की भूमिका निभा चुके हैं। वाइट ओक में प्रशांत जी 5 बिलियन डॉलर का फंड मैनेज कर रहे हैं। विदेशी निवेशकों का AUM में 80 फीसदी योगदान है। बाजार में कहां पैसा लगाना है, किस सेक्टरल थीम को पकड़ना है, इन सब फैसलों से पहले प्रशांत खेमका जी रणनीति समझना बेहद कारगर साबित हो सकता है। आइये उनसे समझते हैं कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के दौर में बड़ा पैसा बनने की संभावना कहां है।
बता दें कि प्रशांत खेमका ने 2017 में वाइट ओक कैपिटल बनाई थी। इसके पहले ये गोल्डमैन सैक्स के CIO रहे थे। प्रशांत मार्च 2007 में गोल्डमैन सैक्स से जुड़े थे। यहां इन्होंने जून 2013 से ग्लोबल एमर्जिंग मार्केट इक्विटी का दायित्व संभाला। प्रशांत ने गोल्डमैन सैक्स का 5 अरब डॉलर का फंड मैनेज किया।
CNBC आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल से हुई आज की खास बातचीत में प्रशांत खेमका ने कहा कि IT शेयरों में लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न बनेंगे। IT में शॉर्ट टर्म के लिए दबाव रह सकता है। लेकिन मौजूदा समय में IT कंपनियों के वैल्युएशन आकर्षक है और लॉन्ग टर्म में अच्छा मुनाफा मिलेगा।
भारतीय बाजार की चाल और आगे की संभावनाओं पर बात करते हुए प्रशांत खेमका ने आगे कही कि दुनिया के कई बाजार 35-40 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे हैं। वहीं, भारत में सिर्फ 10 फीसदी गिरावट दर्ज हुई है। भारतीय बाजारों की स्थिति बेहतर दिशा में है। भारत के बाजार ग्लोबल बाजारों के मुकाबले कम गिरे हैं। आगे रेलू इंडस्ट्री का दायरा बढ़ेगा। ऐसे में निवेश फायदेमंद रहेगा। प्रशांत खेमका का कहना है कि विदेशी निवेशक भारत को लेकर पॉजिटिव हैं। भारत पर निवेशकों को भरोसा बढ़ा है।
इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि कोविड का दौरान वर्कफ्रॉम होम के चलते इक्विटी मार्केट में रिटेल भागीदारी काफी बढ़ गई थी। अब कोविड के बाद बाजार में दिख रही चिंता स्वाभाविक और कुछ हद तक जरूरी भी है। बाजार इस समय काफी सावधान नजर आ रहा है। बाजार में अभी तक कोई बड़ा नुकसान भी नहीं हुआ है। ऐसे में अगर बिना पैसा खोए सावधानी आ जाए तो इससे अच्छी बात क्या हो सकती है। बाजार में थोड़ी बहुत गिरावट अच्छी होती है।
वैल्यूएशन के नजरिए से भारतीय बाजार तुलनात्मक रूप से कुछ महंगा जरूर दिख रहा है। ऐसे में सावधानी से निवेश करें। बहुत लीवरेज्ड पोजीशन लेने से बचें और एफएंडओ में कोई बड़ा एक्सपोजर न रखें। सही मैनेजमेंट वाले चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाएं। प्रशांत खेमका का कहना है कि बाजार में खपत से जुड़ी कंपनियों में काफी अच्छे निवेश के मौके हैं। आगे कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी में अच्छी तेजी की संभावना है।
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