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इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज इंडस्ट्री को क्वालिटी कंट्रोल आदेशों को लागू करने के लिए मिल सकता है और समय

घरेलू और कमर्शियल इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों पर लागू होने वाले इन गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों ( QCOs) को सरकार ने सितंबर 2024 में नोटीफाइ किया था। इसके कार्यान्वयन में आने वाली दिक्कतों पर इंडस्ट्री द्वारा जताई गई चिंताओं के बाद इन आदेशों को लागू करने के लिए सरकार 6-12 महीने की मोहलत दे सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 17, 2025 पर 4:16 PM
इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज इंडस्ट्री को क्वालिटी कंट्रोल आदेशों को लागू करने के लिए मिल सकता है और समय
सरकार के बयान में कहा गया है कि उद्योग मंत्री ने इंडस्ट्री द्वारा उठाई गई चिंताओं को स्वीकार किया और QCOs के कार्यान्वयन की समयसीमा बढ़ाने के अनुरोध पर विचार करने पर सहमति व्यक्त की है

इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों के लिए राहत की खबर है। सूत्रों के मुताबिक सरकार क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स (QCOs) को लागू करने की समयसीमा को 6 महीने से लेकर 1 साल तक आगे बढ़ा सकती है। सूत्रों के हवाले से मिल जानकारी के मुताबिक इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज कंपनियों को राहत मिलेगी। इन कंपनियों को सेफ्टी स्टैंडर्ड से जुड़े क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स (QCOs) को लागू करने के लिए 6-12 महीने का समय और मिल सकता है। इन आदेशों के तहत AC, फ्रिज, RO, एयर प्यूरिफायर और हेयर ड्रायर सहित 94 प्रोडक्ट्स पर QCOs लागू होना है। इनमें 240 V (सिंगल फेज) और 415 V (3 फेज) वाले अप्लायंसेज शामिल हैं। इन आदेशों के दायरे में घरेलू और कमर्शियल दोनों अप्लायंसेज आते हैं। DPIIT ने BIS के साथ पिछले साल ये QCOs जारी किए थे।

घरेलू और कमर्शियल इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों पर लागू होने वाले इन गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों ( QCOs) को सरकार ने सितंबर 2024 में नोटीफाइ किया था। इसके कार्यान्वयन में आने वाली दिक्कतों पर इंडस्ट्री द्वारा जताई गई चिंताओं के बाद इन आदेशों को लागू करने के लिए सरकार 6-12 महीने की मोहलत दे सकती है।

शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कार्यान्वयन की समयसीमा बढ़ाने के घरेलू उद्योग के अनुरोध पर विचार करने पर सहमति जाहिक की है।

DPIIT द्वारा 15 मई को इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज पर QCO के कार्यान्वयन पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई स्टेक होल्डरों बैठक में इंडिस्ट्री ने कहा कि ग्लोबल सप्लाईचेन की परेशानियों को देखते हुए इन आदेशों को पहले तैयार माल पर और उसके बाद ही कम्पोनेंट और कच्चे माल पर लागू किया जाना चाहिए।

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