स्टॉक एक्सचेंज 6 अप्रैल से ऑर्डर-टू-ट्रेड रेशियो (ओटीआर) का संशोधित फ्रेमवर्क लागू करने जा रहे हैं। इससे शेयरों के ट्रेडर्स के लिए कंप्लायंस आसान हो जाएगा। खासकर उन मार्केट पार्टिसिपेंट्स को राहत मिलेगा जो हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेड करते हैं और लिक्विडी प्रोवाइडिंग स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करते हैं। ओटीआर से किसी ट्रेडिंग मेंबर की तरफ से प्लेस किए गए कुल ऑर्डर्स और एग्जिक्यूटेड ट्रेड्स के रेशियो का पता चलता है।
