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ममता बनर्जी और स्टालिन: सत्ता की दौड़ में क्यों पिछड़े INDIA ब्लॉक के दो सबसे बड़े चेहरे, ये मुद्दे रहे भारी

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के लिए इस बार चुनाव आसान नहीं है। शुरुआती रुझानों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार बनाने जा रही है। वहीं तमिलनाडु में एम के स्टालिन को भी कड़ी टक्कर मिल रही है, जहां अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई है

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड May 04, 2026 पर 4:35 PM
ममता बनर्जी और स्टालिन: सत्ता की दौड़ में क्यों पिछड़े INDIA ब्लॉक के दो सबसे बड़े चेहरे, ये मुद्दे रहे भारी
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के लिए इस बार चुनाव आसान नहीं है

देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आज यानी 4 मई को सामने आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के वोटों की गिनती जारी है। वहीं अब तक सामने आए नतीजों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। इन दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद विपक्षी गठबंधन को बड़ा झटका लगता दिख रहा है। इंडिया ब्लॉक के दो सबसे मजबूत नेताओं को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका लगा है।

बता दें कि, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के लिए इस बार चुनाव आसान नहीं है। शुरुआती रुझानों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार बनाने जा रही है। वहीं तमिलनाडु में एम के स्टालिन को भी कड़ी टक्कर मिल रही है, जहां अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

इंडिया ब्लॉक को बड़ा झटका

एम के स्टालिन और ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन के बड़े नेता हैं और लोकसभा में उनका अच्छा असर है। दोनों अपने राज्यों में भाजपा का विरोध करते रहे हैं। वहीं ममता बनर्जी को नरेंद्र मोदी के लिए एक बड़ी चुनौती माना जाता है। वहीं हाल के राज्य चुनावों में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी की भूमिका पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे। वहीं अपने राज्यों में ममता बनर्जी और एम के स्टालिन भी सत्ता गंवाने के बेहद करीब हैं, तो ऐसे में विपक्ष में नेतृत्व का संतुलन और बदल सकता है। इस वजह से भारतीय जनता पार्टी के लिए 2029 से पहले अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मिल सकता है।

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